पद्य
पद्य संस्कृत साहित्य में काव्य के दो भेदों में से एक है। इस पद्य काव्य भी कहा जाता है। दूसरा भेद है गद्य काव्य। पद्य काव्य का सामान्य अर्थ है छन्दोबद्ध काव्य।पद्य का सामान्य अर्थ है छन्दोबद्ध रचना। यह रचना के वाह्य स्वरुप का द्योतक है जबकि छन्द उसके आन्तरिक स्वरूप का जिसमें गण और मात्राएं शामिल हैं। कभी-कभी पद्य शब्द का प्रयोग कविता के अर्थ में भी होता है, परन्तु दोनों में भिन्नताएं हैं।