भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में प्रदर्शन और तेज़ होंगे
युवा और छात्र प्रदर्शनकारी आंदोलन के लिए जंतर-मंतर का इस्तेमाल करने पर अड़े
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2026-10-14 11:18 UTC
मंगलवार, 13 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "जंतर-मंतर वापस ले लिया गया है! हम जंतर-मंतर में घुस गए हैं और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है! लेकिन यह हम युवा पीढ़ी के लिए एक संदेश है! हम यह कर सकते हैं!" दिल्ली पुलिस ने उनके साथ सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका को भी हिरासत में लिया, जिन्होंने मोदी सरकार से कहा, "जंतर-मंतर से दूर रहो"। सीजेपी के अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि राष्ट्रीय ध्वज लिए हुए पार्टी सदस्य चुपके से जंतर-मंतर में घुस गए और एक पोस्ट में कहा, "नरेंद्र मोदी, आप विरोध-प्रदर्शन की मान्यता रद्द नहीं कर सकते।" उधर इंडिया ब्लॉक के नेता राहुल गांधी ने भी कहा कि मोदी सरकार द्वार जन्तर मन्तर के धरना-प्रदर्शन स्थल की मान्यता को रद्द (डिनोटिफाई) किये जाने को चुनौती देंगे।