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अवैध आप्रवासियों की बाढ़ ने बनाया नागरिकता अधिनियम का तमाशा

सीएए, एनआरसी पर चुनाव पूर्व राजनीतिक बहस ने मुद्दे को दबा दिया
Author: नन्तु बनर्जी - Published 06-12-2022 14:39 GMT-0000
राजनीति और राजनीतिक पार्टियां भारत में अवैध आप्रवासियों की बढ़ती संख्या को रहने देने के विवादस्पद मुद्दे पर एक खतरनाक खेल खेलती दिख रही हैं।संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के अनुसार अनुमानित दो महीने के भीतर ही हमारा देश चीन को दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में पछाड़ने के लिए तैयार है।आधिकारिक तौर पर, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद, भारत अवैध आप्रवासियों के लिए दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय गंतव्य है।

महामारी और दिवालियापन कोड ने ठीक की बैंकों और कार्पोरेट की बैलेंस शीट

पर छोटी कंपनियों को दी जानी चाहिए और अधिक आर्थिक सहायता
Author: के आर सुधामन - Published 05-12-2022 12:05 GMT-0000
भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कुछ साल पहले अपने आर्थिक सर्वेक्षण में जुड़वां बैलेंस शीट की समस्या को चिह्नित किया था। उन्होंने कहा था कि भारत को इस प्रमुख आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा था जिसमें भारतीय बैंकों को कॉरपोरेट्स द्वारा भारी कर्ज लेकर उसकी अदायगी न करने के कारण भारी नुकसान हो रहा था।

वैश्विक मंदी के रुझान के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था झंझावात झेलने में सक्षम

अभी भी एक प्रमुख समस्या क्षेत्र बना हुआ है विनिर्माण क्षेत्र
Author: अंजन रॉय - Published 03-12-2022 12:03 GMT-0000
भारत की कुल आय, सकल घरेलू उत्पाद जिसे जीडीपी के नाम से जाना जाता है, के आंकड़ों का नवीनतम सेट दर्शाता है कि कुछ कमजोरियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को लचीली और झंझावातों को झेलने में सक्षम है।यह अलग बात है कि विनिर्माण क्षेत्र में समस्याएं अभी भी बरकरार हैं।

गुजरात में भाजपा का चुनाव प्रचार हुआ और अधिक हिंसक और जहरीला

अमित शाह की टिप्पणी चुनाव आयोग की आचार संहिता का उल्लंघन
Author: प्रकाश कारत - Published 02-12-2022 10:53 GMT-0000
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का अभियान इस बात की अंतर्दृष्टि देता है कि कैसे गुजरात हिंदुत्व ताकतों के लिए प्रयोगशाला बन गया और कॉर्पोरेट-सांप्रदायिक धुरी कैसे गढ़ी गयी जो बाद में गुजरात मॉडल के रूप में जानी गयी।

खनिज तेल की कीमतों की भविष्यवाणी की उड़ी धज्जियां

कीमतें अगले साल के मध्य तक आरामदायक रहेंगी
Author: के रवींद्रन - Published 01-12-2022 10:30 GMT-0000
खनिज तेल के अंतर्राष्ट्रीय तेल मूल्य व्यवहार की भविष्यवाणियों की इस बार धज्जियां उड़ गयीं। कीमतों के तेजी से बढ़ने की सभी अपेक्षाओं को धत्ता बताते हुए, कच्चे तेल की कीमतें इस बार पिछले साल के समान स्तर पर ही मंडरा रही हैं, जिसका मतलब है कि यह $ 70 के दायरे में कारोबार कर रही है। ओपेक+ कार्टेल द्वारा घोषित 2 मिलियन बैरल प्रति दिन उत्पादन कटौती के कारण तेल की लगातार चढ़ती रही कीमतों के मद्देनजर घटी हुई कीमतें एक आश्चर्यजनक घटना है, जिसने सभी तर्कों को झुठला दिया।

2024 के राष्ट्रपति चुनावों में एक और बाइडन-ट्रम्प प्रतियोगिता संभव

बूढ़े नेताओं से तंग आ चुके हैं युवा अमेरिकी पर चलती है उनकी ही
Author: कल्याणी शंकर - Published 30-11-2022 11:22 GMT-0000
क्या संयुक्त राज्य अमेरिका में 2024 में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव फिर जो बाइडन बनाम डोनाल्ड ट्रम्प की दौड़ होगी? यह दो मौजूदा और पूर्व राष्ट्रपतियों द्वारा दो साल पहले ही राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने की घोषणा के बाद का सवाल है।

अमित शाह ने गुजरात में दी साम्प्रदायिकता के जहर की नयी खुराक

2002 में मोदी द्वारा “शांति बहाल” करने का किया खतरनाक जिक्र
Author: अरुण श्रीवास्तव - Published 29-11-2022 10:44 GMT-0000
गुजरात में विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ, भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने इस बार गुजराती युवाओं को सांप्रदायिक बनाने के सटीक लक्ष्य के साथ सांप्रदायिकता की भरोसेमंद राह पकड़ ली। इस मिशन के साथ उन्होंने अतीत को भी खोदा और लोगों को यह बताने में संकोच नहीं किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्य में शांति स्थापित की और 2002 में असामाजिक तत्वों या दंगाइयों को "सबक सिखाया"।

प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसानों को कम निजी कंपनियों को अधिक फायदा

दावों को जमा करने के दो सप्ताह के भीतर निपटाया जाना चाहिए
Author: डॉ. सोमा मारला - Published 28-11-2022 11:19 GMT-0000
एक दिन भी नहीं गुजरता जब ग्रामीण भारत में किसानों की आत्महत्याओं के समाचार मीडिया में नहीं प्रसारित या प्रकाशित नहीं होते। सूखे के कारण फसल की विफलता, बेमौसम और अत्यधिक बारिश और अन्य मौसमी आपदाओं के साथ-साथ तीव्र अभाव और ऋण का भुगतान न कर पाना जैसे प्रमुख कारक किसानों को अपना जीवन समाप्त करने के लिए मजबूर करते हैं।

भारत के लिए अच्छा है वैश्विक मंदी में सुधार का रुझान

यूक्रेन युद्ध की स्थिति में होगी आर्थिक सुधार की कुंजी
Author: अंजन रॉय - Published 26-11-2022 10:51 GMT-0000
वैश्विक शेयर बाजारों में क्रिसमस का जश्न शुरू हो गया है। वित्तीय बाजार आश्चर्यजनक उछाल दिखा रहे हैं और नई ऊंचाइयों पर चढ़ रहे हैं। भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी आयी है। प्रतिनिधि बीएसई सूचकांक 1000 अंक के करीब चढ़ गया और 62,412 के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू गया। एनएसई सूचकांक भी तेजी से बढ़ रहा है, जो बाजारों की अधिक व्यापक आधारित वसूली का संकेत देता है।

नयी ऊंचाइयां छू रही है भारत में महिलाओं के खिलाफ घरेलू और यौन हिंसा

फिर आ गया है महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का समय
Author: प्रकाश कारत - Published 25-11-2022 09:57 GMT-0000
"महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन" के लिए 25 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के आह्वान को व्यापक मीडिया कवरेज मिला है, जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हड्डी कंपा देने वाला एक तथ्य पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें कहा गया कि दुनिया भर में हर 11 मिनट में एक महिला या लड़की की एक अंतरंग साथी या परिवार के सदस्य द्वाराहत्या कर दी जाती है। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को दुनिया में सबसे व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन बताया।