पारख
पारख का सामान्य अर्थ है जिसे सत्य की परख होती है। भारतीय साधना परम्परा में पारख सच्चे गुरु को कहा जाता है जो शिष्य को परमज्ञान देते हैं जिससे शिष्य परमगति को प्राप्त कर जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। ऐसे गुरु को ही पारखपद दिया जाता है और उन्हें पारखी कहा जाता है। ऐसे गुरु चैतन्य की चौकी पर आसन लगाकर अपने शिष्यों को निर्भय और निःशंक रहने का उपदेश देते हैं। ऐसे गुरु को कई बार परमेश्वर ही माना जाता है, और कई बार परमेश्वर से ऊपर भी। इन्हें ज्ञान, वैराग्य, और भक्ति की प्रतिमूर्ति माना जाता है।