मीमांसा
मीमांसा का सामान्य अर्थ है किसी लिखित समाग्री की विवेचना या समीक्षा। परन्तु भारतीय दर्शन परम्परा में मीमांसा वेदों के वाक्यों के अर्थों को निश्चित करने की एक पद्धति है। इस परम्परा में मीमांसा का तात्पर्य वेद मीमांसा और कर्म मीमांसा है। वास्तव में वेद मीमांसा तथा कर्म मीमांसा एक ही हैं, क्योंकि वेदों की मामांसा धर्म और कर्म के सन्दर्भ में ही की जाती है।यहां ध्यान देने की बात यह है कि मीमांसा, कर्म मीमांसा, और ज्ञान मीमांसा शब्दों का उपयोग कर्म कांड और ज्ञान कांड दोनों के लिए किया जाता है। कर्म मीमांसा को पूर्व मीमांसा तथा ज्ञान मीमांसा को उत्तर मीमांसा भी कहा जाता है। वैदिक मीमांसा वेदोक्त धर्म की व्याखाया है। जैमिनी (ईसा पूर्व 400ई. के आसपास) का कर्म मीमांसा सूत्र मीमांसा का मौलिक ग्रंथ है।
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