नये साल की चुनौतियां
लोकतंत्र और अर्थतंत्र पर मंडराते रहेंगे खतरे
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2019-12-31 08:39 UTC
भारी उथल पुथल के साथ वर्ष 2019 बीत गया और अपने पीछे अनेक अनुत्तरित सवालों को छोड़ गया है। अब देखना होगा की इन सवालों के क्या जवाब भविष्य में छिपे हुए हैं। पिछला साल इस सदी के दूसरे दशक का अंतिम साल था। लिहाजा अब हम तीसरे दशक में प्रवेश कर रहे हैं और यह दशक आजाद भारत के इतिहास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण दशक साबित हो सकता है। उस दशक में क्या कुछ होने वाला है उसकी झांकी इस नये साल में ही दिखाई पड़ जाएगी।