Loading...
 
Skip to main content

View Articles

मुस्लिम हितैषी की छवि बनाना चाहते हैं मोदी

भाजपा अब मुस्लिम समर्थन पाने की कोशिश करेगी
अरुण श्रीवास्तव - 2019-06-12 10:12 UTC
हालांकि नरेंद्र मोदी को अभी भी आरोपों से मुक्त होना और देश के दबे-कुचले लोगों से क्लीन चिट मिलना बाकी है, लेकिन उनके समर्थकों और सलाहकारों ने इमेज मेकओवर और रिलेशन बिल्डिंग की कवायद शुरू की है। यह कठिन अभ्यास कुछ टीवी चैनलों द्वारा किया गया है। वे मोदी और मुसलमानों के बीच पुल की भूमिका निभा रहे हैं। मोदी को मुस्लिम समुदाय में ले जाने की प्रक्रिया वास्तव में मोदी द्वारा 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद तेज हुई है।

कांग्रेस का नेतृत्व संकट

आखिर राहुल गांधी चाहते क्या हैं?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-11 12:08 UTC
राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मंशा जाहिर करने के दो सप्ताह होने को हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने न तो अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से दिया है और न ही वे अध्यक्ष पद के अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस में जहां तहां आपसी विवाद बढ़ रहे हैं और उन विवादों को शांत करने वाला कोई नहीं है। राहुल गांधी ने कांग्रेस के नेताओं से मिलना भी लगभग बंद ही कर दिया है। यानी कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका का पूरी तरह से त्याग कर रखा है।

मध्य प्रदेश में बिजली संकट पर राजनीति

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप
एल एस हरदेनिया - 2019-06-10 09:32 UTC
भोपालः बिजली की आपूर्ति में बार- बार रुकावट ने विपक्षी दलों को सरकार की गंभीर आलोचना का मौका दिया है। बार-बार बिना किसी पूर्व सूचना के पावर कट बड़े पैमाने पर हो रहा है। भाजपा के नेताओं ने सरकार पर हमला करते हुए कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह के दिन वापस आ गए हैं। यह याद किया जा सकता है कि 2003 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने मतदाताओं से कहा था कि बेहतर सड़कें प्राप्त करने और पानी और बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए दिग्विजय सिंह की सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। उमा भारती द्वारा गढ़े गए स्लोगन से वांछित परिणाम मिले और कांग्रेस की सत्ता खो गई और उमा भारती मुख्यमंत्री बन गईं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक संभावना भरे प्रयोग का अंत

क्या कांशी-माया के आंदोलन की रूपरेखा आरएसएस ने तैयार की थी?
अनिल जैन - 2019-06-08 09:31 UTC
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का पांच महीने पुराना गठबंधन खत्म हो गया। इसके खात्मे का एकतरफा ऐलान बसपा सुप्रीमो मायावती ने किया। उनके इस फैसले से उत्तर भारत की राजनीति में दलित-पिछडा और किसान जातियों की एकता के एक संभावना भरे प्रयोग का ही नहीं बल्कि उस सपने का भी फिलहाल अंत हो गया जो कभी आंबेडकर और लोहिया ने देखा था।

अनिश्चित हो रहा है अंतरराष्ट्रीय माहौल

विदेश व्यापार की जटिल चुनौतियां
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-07 10:29 UTC
पिछले 23 मई को दो उल्लेखनीय घटनाएं घटी। उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक और कार्यकाल के लिए जनादेश मिला और उसी दिन अमेरिका ने भारत को दिया जा रहा जीएसपी (जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रीफेरेंस) समाप्त कर दिया। यह अमेरिका में भारत के होने वाले निर्यात के लिए एक बड़ा झटका था। जीएसपी की तहत अमेरिका व कुछ अन्य विकसित देश भारत जैसे विकासशील देशों को निर्यात संबंधी कुछ रियायतें देते हैं, ताकि वे अमीर देशों के बाजार में अपने उत्पाद बेच सकें। भारत इसका लाभार्थी रहा है, लेकिन मोदी सरकार के दूसरी बार शपथग्रहण करने के पहले ही अमेरिका ने भारतीय निर्यात को दी जा रही वह सुविधा समाप्त कर दी।

नीतीश को नाराज कर मोदी ने गलती की

अब क्या करेंगे बिहार के मुख्यमंत्री?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-06 09:42 UTC
मोदी सरकार के गठन के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक भूल हो गई है और वह भूल है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नाराज करने की। नीतीश कुमार के जनता दल(यू) को मोदी मंत्रिमंडल में सिर्फ एक सीट ऑफर की गई। कायदे से उसे कम से कम तीन या ज्यादा से ज्यादा चार सीटें मिलनी चाहिए थी, क्योकि उनकी पार्टी को बिहार में 16 सीटें मिली थीं। लेकिन उसे केवल एक सीट ऑफर की गई। बिहार से ही रामविलास पासवान की पार्टी को 6 सीट मिली थी और रामविलास पासवान की पार्टी को भी एक ही सीट कैबिनेट में दी गई। पंजाब में तो शिरोमणि अकाली दल को मात्र दो ही सीटंें मिली थीं। लेकिन उसे भी कैबिनेट में एक जगह दे दी गई।

अखिलेश के लिए ठगबंधन साबित हुआ गठबंधन

बुआ ने छोड़ा बबुआ का साथ
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-04 08:41 UTC
आखिरकार वही हुआ, जिसे होना ही था। बुआ मायावती ने अनेक प्रकार के आरोप लगाते हुए बबुआ अखिलेश यादव का साथ छोड़ दिया है। आरोप भी ऐसे ऐसे लगाए है, जो अखिलेश के लिए अपमानजनक हैं। पहला आरोप तो यह लगाया है कि यादवों ने बसपा के उम्मीदवारों को वोट ही नहीं दिए, जिसके कारण उनके अधिकांश उम्मीदवार चुनाव हार गए। दूसरा आरोप यह लगाया है कि चाचा शिवपाल के प्रभाव को अखिलेश समाप्त नहीं कर पाए। उन्होंने यहां तक आरोप लगा दिया कि चाचा शिवपाल के कारण यादव वोट भाजपा उम्मीदवारों की ओर चले गए, जिसके कारण भाजपा की भारी जीत हुई और बसपा के ही नहीं, बल्कि सपा के भी उम्मीदवार हारते चले गए।

हार पर कांग्रेस में आत्ममंथन

अनेक खामियों की हुई पहचान
एल एस हरदेनिया - 2019-06-03 13:14 UTC
भोपालः हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी की हुई भारी हार के बारे में कांग्रेसी हलकों में सवाल पूछे जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही बैठकों में आत्म-आलोचनात्मक टिप्पणी की जा रही है।

अमित शाह के गृहमंत्री बनने के मायने

मुस्लिम एजेंडे पर तेजी से बढ़ सकती है मोदी सरकार
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-01 09:51 UTC
अमित शाह का मोदी सरकार में गृहमंत्री बनना हमारे देश की राजनीति के लिए खास मायने रखता हैं। वैसे प्रधानमंत्री किसे अपनी मंत्रिपरिषद में रखते हैं, किसे नहीं रखते हैं और किसे कौन सा मंत्रालय देते हैं, यह उनका अपना विशेषाधिकार है, लेकिन जब बात अमित शाह के गृहमंत्री बनाने की हो, तो यह एक साधारण फैसला नहीं माना जाता। जब उनके मंत्रिपरिषद में शामिल होने की बात चल रही थी, तो माना जा रहा था कि वे वित्त मंत्री हो सकते हैं, क्योंकि स्वास्थ्य खराब होने के कारण अरुण जेटली मंत्री बनने के लिए उपलब्ध नहीं थे और भारतीय जनता पार्टी में मंत्री बनने योग्य सांसदों और नेताओं की भारी कमी है। अमित शाह खुद बैंक वगैरह से जुड़े रहे हैं और सफल व्यवसायी भी रहे हैं, इसलिए उनके वित्त मंत्री बनने की संभावना ज्यादा थी।

मोदी सरकार से अरुण जेटली की बिदाई

क्या वित्तीय बदहाली से निकल पाएगा देश?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-05-31 09:59 UTC
नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू कर दिया है। पहले कार्यकाल की सरकार से यह अनेक मामलों में भिन्न है। इस भिन्नता तो यह है कि इस सरकार में अरुण जेटली नहीं होंगे। भारतीय जनता पार्टी को 23 मई को बहुमत मिलते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि इस बार जेटली को वित्त मंत्रालय नहीं दिया जाएगा। उन्हें किसी अन्य मंत्रालय से संतुष्ट होना होगा। उसके बाद अरुण जेटली की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा एक पत्र जारी हुआ, जिसमें उन्होंने सरकार में फिर से शामिल होने में असमर्थता जताई थी। असमर्थता की वजह यह बताई गई कि उनका स्वास्थ्य खराब रहता है और इसके कारण वे मंत्री की जिम्मेदारी निभाने में समर्थ नहीं हैं।