ईवीएम और वीवीपीएटी विवाद
बीच का रास्ता अपनाया जाना चाहिए
-
2019-03-30 12:09 UTC
इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीन पर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईवीएम के खिलाफ मोर्चा निकालने वाले राजनैतिक पार्टियों के नेता अब मशीनो से की गई मतगणना के साथ साथ 50 फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की भी मांग कर रहे हैं। लेकिन यह निर्वाचन आयोग को स्वीकार नहीं है। आयोग ने पिछले महीनों कुछ राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान प्रत्येक विधानसभा के एक एक बूथ के वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की थी और उनका मशीनों से हुई गिनती का मिलान किया था। मिलान शत प्रतिशत सफल रहा। किसी बूथ की वीवीपीएटी पर्चियों की गणना की जाय, इसके लिए आयोग लाॅटरी का सहारा लेता है। लाॅटरी में जो बूथ आता है, उसकी पर्चियों की गणना की जाती है और देखा जाता है कि मशीन से जो आंकड़े प्राप्त हुए थे, उससे इसके आंकड़े मिलते हैं या नहीं। अब तक जितने भी बूथों की वीवीपीएट पर्चियों की गिनती हुई है, उन सबके आंकड़े उन्हीं बूथों की मशीनों द्वारा दिए गए आंकड़े से बिल्कुल ही मेल खाते पाए गए हैं।