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कश्मीर पर नई दिल्ली का वही पुराना रवैया

कश्मीर की अस्मिता को स्वीकारे बगैर इस समस्या का हल नहीं हो सकता
अनिल सिन्हा - 2019-01-07 11:07 UTC
जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लग गया है और उसे संसदीय मंजूरी भी मिल गई है। मंजूरी के लिए राज्यसभा में हुई बहस से फिर एक बार साबित हुआ कि देश का नेतृत्व निहायत असंवेदनशील लोगों के हाथ में है। इससे यही साबित हुआ कि नई दिल्ली सैनिक तंत्र के जरिए ही घाटी पर शासन करना चाहती है। विपक्ष ने भी बेचारगी ही दिखाई है। सीपीएम के सांसद रंगराजन को छोड़ कर किसी ने वहां के नागरिकोें की हत्या की जांच और इसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग नहीं की और सीपीआई नेता डी राजा को छोड़ कर किसी ने पाकिस्तान और भारत की जनता के बीच अच्छे संबंध बनाने की बात नहीं कही।

मध्य प्रदेश में वंदे मातरम पर विवाद

नाथ सरकार राष्ट्रगीत को बनाएगी ज्यादा समावेशी
एल. एस. हरदेनिया - 2019-01-05 09:34 UTC
भोपालः राज्य सचिवालय में वंदे मातरम के गायन को निलंबित करने और मीसा बंदियों की पेंशन रोकने के फैसले ने मध्य प्रदेश को एक गंभीर विवाद में डाल दिया है। दोनों फैसलों ने भाजपा को नवगठित कांग्रेस सरकार पर बंदूक चलाने का मौका दिया है।

कार्पोरेट नहीं बल्कि जनता के लिए हों आर्थिक सुधार

कोई भी दल जनता के लिए योजना लेकर नहीं आ रहा
शिवाजी सरकार - 2019-01-04 16:47 UTC
साल 2019 आशा का संदेश लेकर आया है, लेकिन आगे का रास्ता स्पष्ट नहीं है। अर्थव्यवस्था को नया रास्ता, पुनर्जीवन और जनोन्मुखी नीतियों की जरूरत है।

शीतलहर की चुनौती और हमारा पिलपिला व्यवस्था तंत्र

ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का मुकाबला हम कैसे करेंगे?
अनिल जैन - 2019-01-03 18:24 UTC
नया साल शुरू हो चुका है और उससे पहले शुरू हो चुकी है कंपकपा देने वाली सर्दी। हर साल जब हिमालय पर्वतमाला पर बर्फ गिरती है तो पहाड़ी प्रदेशों और मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने लगती है। लेकिन अभी जो शीतलहर शुरू हुई है, वह सिर्फ हिमालयी प्रदेशों और गंगा-यमुना के मैदानों तक ही सीमित नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और रेगिस्तानी राजस्थान के साथ ही महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और सुदूर छत्तीसगढ तथा ओडिशा तक ठंड से ठिठुर रहे हैं। सभी जगह न्यूनतम तापमान के पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं। कई जगह तापमान शून्य डिग्री को पार कर गया है। सर्दी के सितम से बेघर और साधनहीन लोगों के मरने की खबरें भी आने लगी हैं।

बांग्लादेश में तेज होगी टकराव की राजनीति

हसीना की बड़ी जीत कट्टरपंथ को बढ़ावा दे सकता है
बरुन दास गुप्ता - 2019-01-02 13:05 UTC
30 दिसंबर को बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में अवामी लीग की अगुआई वाली जातीय ऐक्य फ्रंट ने भारी जीत हासिल की। इतने बड़े पैमाने पर हुई जीत ने कई लोगों की भौहें चढ़ा दी हैं। 300 सदस्यीय संसद में 299 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। जातीय ऐक्य फ्रंट ने उनमें से 288 और अवामी लीग (एएल) ने तो अकेले 259 सीटें जीतीं। विपक्षी राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा ने सिर्फ सात और निर्दलीय ने 4 सीटें जीतीं। बांग्लादेश के जन्म के बाद यह 11 वां आम चुनाव था।

कमलनाथ ने सरकारी कामकाज में व्यापक बदलाव के आदेश दिए

मध्य प्रदेश में अब मंत्री नहीं कर सकेंगे घोषणाएं
एल एस हरदेनिया - 2019-01-01 10:31 UTC
भोपालः विभागों के आवंटन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने दूरगामी निहितार्थों की कई घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कामकाज में एक बुनियादी बदलाव की घोषणा की है। अपने गृह नगर छिंदवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, कमलनाथ ने कहा कि भविष्य में नई परियोजनाओं और योजनाओं की घोषणा अधिकारियों द्वारा की जाएगी न कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा। रविवार को सार्वजनिक बैठक में अपने भाषण के दौरान, उन्होंने कहा कि जनता नेताओं द्वारा की गई घोषणाओं और लंबे वादों से तंग है। अब, अधिकारी योजनाओं की घोषणा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें लागू किया जाए।

तेजी से बदल रही है कांग्रेस

राहुल ने राजनीति के फोकस को बदल दिया है
अनिल सिन्हा - 2018-12-31 11:17 UTC
हम लोग तेजी से 2019 के लोक सभा चुनाव की ओर बढ़ रहे हैं और देश की राजनीति में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। पिछले दिनों में हमने बहस का एक ऐसा ढांच विकसित कर लिया है कि समाज, अर्थ और राजनीति- सभी क्षेत्रों की पड़ताल कुछ चुने हुए सवालों को ही लेकर होती है। यही कांग्रेस में हो रहे बदलाव को भी लेकर हुआ है। हम यह देख नहीं पा रहे हैं की राहुल गांधी ने कांग्रेस की राजनीति में कितने बदलाव ला दिए हैं। इनके असर में देश की राजनीति भी बदल रही है। यह सच है कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति ठहर चुकी थी। इसे लोकतांत्रिक बनाना लगभग नामुमकिन ही था। मीडिया का बड़ा हिस्सा इन बदलावों पर नजर डालने के लिए अभी भी तैयार नहीं है। लोग मानें या न मानें, राहुल ने बरसों से तंग रही कांग्रेस की राजनीति को फैला दिया है और देश की राजनीति के फोकस को भी बदल दिया है।

नये साल की नई चुनौतियां

क्या मोदी फिर अपनी सरकार बना पाएंगे?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-12-29 10:56 UTC
नया साल भारत के लिए कैसा रहेगा- इस सवाल का जवाब देना आसान नहीं है। भारत संक्रमण के दौर से गुजर रहा है और पिछले कुछ सालों में देश की राजनीति, समाज और अर्थतंत्र में जबर्दस्त बदलाव आए हैं। डिजिटल दुनिया में भी भारी बदलाव आया है और यह देश को जबर्दस्त तरीके से झकझोरने के काम कर रहा है। बदलाव के इस पड़ाव पर 2019 में एक बड़ी राजनैतिक घटना घटने वाली है और वह घटना है लोकसभा का आमचुनाव, जो यह निर्णय करेगा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर सत्ता हासिल कर पाएंगे या नया साल सत्ता से उनकी बिदाई कर देगा।

गूगल पर सर्वाधिक खोजी जाने वाली खिलाड़ी बन गई सिंधु

भारतीय बैडमिंटन का जगमगाता सितारा पीवी सिंधु
योगेश कुमार गोयल - 2018-12-28 20:24 UTC
रियो ओलम्पिक रजत पदक विजेता और इस वर्ष राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों तथा विश्व चैंम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाली भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु (पुसरला वेंकट सिंधु) ने ग्वांगझू में ‘बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स’ में ऐतिहासिक खिताबी जीत हासिल कर भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। सिंधु के लिए यह जीत ऐतिहासक इसलिए मानी जा रही है क्योंकि वह एक ओर जहां अभी तक लगातार सात फाइनल मुकाबलों में हार का सामना कर चुकी थी, वहीं साल के अंत में मिला उनका इस साल का यह पहला खिताब है। इस स्वर्णिम जीत के बाद सिंधु ने स्वयं कहा भी है कि हर बार लोग उनसे एक ही सवाल पूछते थे कि वह बार-बार फाइनल में क्यों हार जाती हैं किन्तु इस जीत के बाद अब यह सवाल उनसे दोबारा नहीं पूछा जाएगा, इसीलिए यह जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके लिए उन्हें गर्व है। इस शानदार जीत के बाद सिंधु सर्च इंजन ‘गूगल’ पर सर्वाधिक खोजी जाने वाली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं।

कांग्रेस का आधार सुरक्षित करने के लिए कमलनाथ का समय से संघर्ष

लोक सभा चुनावों की गर्मी से मध्यप्रदेश तपा
हरिहर स्वरूप - 2018-12-27 11:10 UTC
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ एक कुशल राजनीतिक रणनीतिकार हैं। उन्हें पता है कि उनके पास 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए ज्यादा समय नहीं है। जिस तीव्रता के साथ सीएम ने नई सरकार के दो फैसलों की उन्होंने घोषणा की, उसने बीजेपी को चैंका दिया। पहली घोषणा तो किसानों की कर्जमाफी की घोषणा है और दूसरी घोषणा निजी उद्योगों के 70 फीसदी रोजगार स्थानीय लोगों को दिए जाने से संबंधित है।