नई पार्टियों और मोर्चे के कारण मध्यप्रदेश का चुनावी परिदृश्य बना जटिल
कहना कठिन है कि कौन किसका नुकसान करेगा
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2018-10-05 12:34 UTC
भोपालः विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आ रही है, इसलिए चुनावी परिदृश्य और जटिल हो गया है। एक महीने पहले यह सोचा गया था कि चुनावी लड़ाई भाजपा व कांग्रेस, बीएसपी और एसपी के गठबंधन के बीच लड़ी जाएगी। इस तरह के एकजुट मोर्चे की उम्मीदों को बीएसपी नेता मायावती के छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजीत जोगी के साथ हाथ मिलाने के निर्णय ने धराशायी कर दिया। चूंकि जोगी ने कांग्रेस विरोधी मोर्चा बना रखा है, इसलिए मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की बसपा की संभावना गायब हो गई थी। ऐसा तो हो नहीं सकता कि छत्तीसगढ़ में बसपा कांग्रेस की आलोचना करते चुनाव लड़े और मध्यप्रदेश में उसकी प्रशंसा करे। गौरतलब हो कि दोनों राज्यों के चुनाव एक ही समय और एक ही साथ होने हैं।