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उत्तर प्रदेश के उपचुनाव: भाजपा और विपक्ष की परीक्षा की घड़ी

प्रदीप कपूर - 2018-02-15 13:22 UTC
लखनऊः गोरखपुर और फूलपुर की दो सीटों के लिए 11 मार्च को होने वाले लोकसभा उपचुनाव योगी आदित्यनाथ सरकार और विपक्ष दोनों के लिए एक परीक्षण का समय साबित होगा। परिणाम अगले साल लोकसभा चुनावों की भूमिका भी तैयार कर देगा।

कई ‘स्पीडब्रेकर’ हैं विपक्षी एकता की राह में

एकता की धुरी सबसे बड़ी उलझन
अनिल जैन - 2018-02-15 13:20 UTC
सोलहवीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने में अभी करीब 15 महीने बाकी हैं लेकिन, 17वीं लोकसभा के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। केंद्र में सत्तारुढ गठबंधन का नेतृत्व कर रही भाजपा जहां जोर-शोर से अगले चुनाव की तैयारियों में जुट गई है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के दालान में अभी भी अकर्मण्यता ही पसरी दिख रही है। बावजूद इसके कि गुजरात विधानसभा के चुनाव और राजस्थान में हुए उपचुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए उत्साहवर्धक रहे हैं, उसकी यह सुस्ती हैरान करने वाली है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव: सिंधिया बनाम सिंधिया

एल एस हरदेनिया - 2018-02-13 11:27 UTC
भोपालः कड़ी मेहनत के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने हो रहे दोनों उपचुनावों को सिंधिया बनाम सिंधिया बनाने में सफलता पाई है। कांग्रेस अभियान ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में है, जबकि भाजपा यशोधरा राजे सिंधिया को अपने अभियान के कमांडर के रूप में पेश कर रही है। यशोधरा ज्योतिरादित्य के पिता दिवंगत माधव राव सिंधिया की बहन हैं। वास्तव में, कांग्रेस और भाजपा दोनों साठ के दशक से सिंधिया के प्रभाव का उपयोग कर रहे हैं। जब दिवंगत विजया राजे भाजपा के साथ थीं, तो उनके बेटे माधव राव सिंधिया कांग्रेस के साथ। लेकिन चुनावों के दौरान उन्होंने कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार नहीं किया। यशोधरा और ज्योतिरादित्य के बीच यह प्रवृत्ति जारी रही। यह पहली बार है कि वे एक-दूसरे के खिलाफ अभियान चलाएंगे।

लोकसभा एवं विधानसभा के एक साथ चुनाव

यह बहस ही अप्रासंगिक है
भरत मिश्र प्राची - 2018-02-13 11:24 UTC
देश में इस बार लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने की चर्चा जोरों पर चल रही है जिसमें विशेष रूप से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रकार की योजना को अमल में लाने की वकालत कर रहे है। इस तरह की चर्चा केन्द्रीय बजट सत्र के प्रारम्भ में संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान उभर कर सामने भी आयी जो पूर्ण रूप से सरकार की नीतियों के तहत समायोजित होती है। देश के अनेक भागों में अभी हाल ही विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हुए हैं। कुछ राज्यों में चुनाव की तैयारी चल रही है, केवल अधिसूचना जारी होना बाकी है। कुछ राज्यों में जहां भाजपा की सरकार जल रही है, वर्ष के अंतराल में चुनाव होने है, कुछ राज्यों में जहां भाजपा की सरकारें नहीं है, आगामी वर्ष में लोकसभा चुनाव के बाद होने है। इस तरह देश में विधानसभा के चुनाव अलग - अलग समय पर होंने बाकी है जिसे एक साथ करा पाना संभव नहीं ।

भारत मालदीव में कार्रवाई करने से बचे

परिस्थिति पूरी तरह 1988 से अलग है
बरुण दास गुप्ता - 2018-02-10 12:10 UTC
मालदीव श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में हिंद महासागर में एक छोटा सा द्वीप देश है, जिसकेे 300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में साढ़े लाख की आबादी है। वह अभी एक राजनीतिक संकट की चपेट में है प्रभाव है। मालदीव ने अतीत में भी कई राजनीतिक संकट देखे हैं। नवंबर 1988 में, श्रीलंका के सशस्त्र आतंकियों ने सत्ता हासिल करने की कोशिश की थी। ममून अब्दुल्ला गयूम, जो मालदीव के राष्ट्रपति थे, ने भारत की सैन्य सहायता मांगी थी और तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी ने तुरंत जवाब में ‘ऑपरेशन कैक्टस’ लॉन्च किया गया था। भाड़े के सैनिकों ने उसके सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद

क्या ताज पर भी होगा बवाल?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-02-09 10:49 UTC
सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद- राज जन्मभूमि स्थल विवाद पर सुनवाई शुरू हो गई है। पहले लगता है कि रोज रोज सुनवाई करके सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला सुना देगा, लेकिन अब साफ हो गया है कि इसमें समय लगेगा, हालांकि सच यह भी है कि इसी साल प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र रिटायर हो रहे हैं और यह उम्मीद तो की ही जानी चाहिए कि उनके रिटायरमेंट के पहले इस पर फैसला आ जाएगा।

एक प्रधानमंत्री का ‘ऐतिहासिक’ स्तरहीन भाषण

बैंकों के एनपीए को लेकर भी गलतबयानी
अनिल जैन - 2018-02-08 10:32 UTC
एक राजनेता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ख्याति’ भले ही एक कामयाब मजमा जुटाऊ भाषणबाज की रही हो, लेकिन उन पर यह ‘आरोप’ कतई नहीं लग सकता है कि वे आमतौर पर एक शालीन और गंभीर वक्ता है! चुनावी रैली हो या संसद, लालकिले की प्राचीर हो या फिर विदेशी धरती, मोदी की भाषण- शैली आमतौर पर एक जैसी रहती है- वही भाषा, वही अहंकारयुक्त हाव-भाव, राजनीतिक विरोधियों पर वही छिछले कटाक्ष, वही स्तरहीन मुहावरे। आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर गलत बयानी, तथ्यों की मनमाने ढंग से तोड़-मरोड़, सांप्रदायिक तल्खी और नफरत से भरे जुमलों और आत्मप्रशंसा का भी उनके भाषणों में भरपूर शुमार रहता है।

राजस्थान की राजनीतिक फिजा बदल रही है

लोगों का मूड भाजपा के खिलाफ हो रहा है
भरत मिश्र प्राची - 2018-02-07 09:23 UTC
राजस्थान सरकार का बजट सत्र आरोप - प्रत्यारोप के बीच शुरू हो गया, जहां अभी हाल ही में राजस्थान विधान सभा एवं लोक सभा के हुए उपचुनाव में मिली कांग्रेस की अपार जीत ने विधानसभा में विपक्ष के आक्रमक तेवर को पहले से ज्यादा तेज तर्रार कर दिया है। वही सत्तापक्ष संख्या में ज्यादा होते हुये भी अभी से अपने आप को हल्का महसूस करता नजर आया । सत्तापक्ष के ही पुराने एवं वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवारी के तेवर बजट सत्र के प्रारम्भ में ही सरकार पर काले कानुन को लेकर उग्र होते दिखाई दिये, जो राजस्थान में राजनीतिक परिदृृश्य पर प्रतिकूल प्रभाव को दर्शाते नजर आये।

यशवंत सिन्हा ने मध्यप्रदेश में मोर्चा खोला

राज्यपाल के कार्यकलापों से चौहान सांसत मेें
एल एस हरदेनिया - 2018-02-06 10:13 UTC
भोपालः भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार की नीतियों पर जोरदार हमला शुरू कर दिया है। इस लड़ाई को वे मध्य प्रदेश में भी लड़ रहे हैं, जिससे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शर्मिंदगी हो रही है। किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए नरसिंहपुर जिले में सिन्हा एक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे। शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें समर्थन दिया है।

घटता बजट और आकारहीन नीतियां

सर्वग्राही स्वास्थ्य सेवा अभी भी एक सपना है
अरुण मित्रा - 2018-02-06 10:11 UTC
स्वास्थ्य सभी की चिंता हैं। केवल स्वस्थ व्यक्ति ही सामाजिक विकास में योगदान कर सकता है। इस प्रकार देश को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है जहां हर नागरिक के स्वास्थ्य की जरूरतों को पूरा करने की आवश्यकता होती है। इसी संदर्भ में 1 फरवरी 2018 के स्वास्थ्य पर 52800 करोड़ रुपए की राशि के बजटीय प्रावधानों को देखा जाना चाहिए।