अथ बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित कथा
आखिरकार लोगों को हो क्या गया है?
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2017-12-26 12:18 UTC
आशाराम बापू और गुरमीत राम रहीम सिंह इंशां के बाद एक और बाबा आज कानून के कड़े हाथ का सामना कर रहा हैं और कहानी वही पुरानी है। आस्था की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण। लेकिन ये बाबा, जिनका नाम वीरेन्द्र दीक्षित हैं पहले वाले दोनों बाबाओं से भी ज्यादा खूंखार दिखाई पड़ रहे हैं। वे स्वघोषित कृष्ण हैं और 16 हजार महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाना अपना नैसर्गिक अधिकार समझते हैं। वे कभी कभी अपने को शिव भी कहते हैं और जिन महिलाओं से संबंध बनाते हैं, उन्हें पार्वती का दर्जा दे देते हैं। वे बाबा हैं। अपने को कृष्ण समझें या शिव, लेकिन हमारे देश के लोगों को क्या हो गया है? उनकी इज्जत अपने घरों की महिलाओं में सिमटी होती है, लेकिन उसी इज्जत को वे सरेआम बाबाओं के सामने समर्पित क्यों कर देते हैं?