खेती को गहरे जख्म दिए हैं नोटबंदी ने
किसानों पर दोतरफा मार
-
2017-01-05 11:06 UTC
वित्त मंत्री अरुण जेटली का दावा है कि विमुद्रीकरण (नोटबंदी) से देश की अर्थव्यवस्था को और खासकर खेती को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि नए नोट जारी करने का काम काफी आगे बढ चुका है और कहीं से किसी तरह के असंतोष की खबर नहीं है। उन्होंने आंकडों के जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के संग्रहण में वृध्दि का दावा करते हुए नोटबंदी से किसानों को फायदा होने की बात भी कही है। नोटबंदी का सबसे बुरा प्रभाव खेती-किसानी पर पडने की शिकायतों को सिरे से खारिज करते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि खेती को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया है कि रबी की बुआई पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 6.3 फीसदी अधिक हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो इससे भी आगे बढकर रबी की बुआई आठ फीसदी तक अधिक होने की बात अपनी विभिन्न रैलियों में कही है।