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मलाप्पुरम में धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की जीत

सांप्रदायिक ताकतों को करारी शिकस्त
पी श्रीकुमारन - 2017-04-21 12:25 UTC
तिरुअनंतपुरमः सांप्रदायिक ताकतों को करारी शिकस्त और धर्मनिरपेक्ष पार्टियों की शानदार जीत। मलाप्पुरम लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव के नतीजों से यही संदेश निकलता है।

शशिकला का राजनैतिक अवसान

तमिलनाडु की राजनीति पर केन्द्र का साया
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-04-20 11:41 UTC
जयललिता की मौत के बाद शशिकला द्वारा तमिलनाडु सरकार और सत्तारूढ़ आॅल इंडिया अन्नाडीएमके पर नियंत्रण रखने का प्रयास विफल हो गया है और जिस व्यक्ति को उन्होंने मुख्यमंत्री बनवाया, उसी ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। इस तरह की घटना पहले भी होती रही है। किसी बड़े नेता की कृपा से सत्ता पाकर उसी नेता को अपने सामने बौना बना देने के अनेक उदाहरण भारत में भी मिल जाते हैं, लेकिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी ने जिस तेजी के साथ अपनी चिनम्मा शशिकला को पार्टी से बाहर कर दिया, उसकी दूसरी कोई मिसाल हमारे देश की राजनीति में नहीं मिलती। चिनम्मा शशिकला को ही नहीं, बल्कि उनके भतीजे और पूरे परिवार को ही पार्टी से बाहर कर दिया गया है और वह भी मंत्रियों की सर्वसहमति से।

क्या 2019 में विपक्ष मोदी का सामना कर पाएगा?

विपक्षी एकता का अभाव भाजपा के पक्ष में
कल्याणी शंकर - 2017-04-19 10:24 UTC
क्या 2019 में भारतीय जनता पार्टी का सामना करने के लिए विपक्ष एकजुट हो पाएगा? इस सवाल का जवाब देना अभी कठिन है, हालांकि विपक्ष चाहता है कि अगले लोकसभा चुनाव में वह मोदी को मिलकर करारा जवाब दे और उस चुनाव को मोदी बनाम अन्य का चुनाव बना दे।

ममता का मुकाबला अब भाजपा से

वामपंथी पार्टियां और कांग्रेस अपना आधार खो रही हैं
आशीष बिश्वास - 2017-04-18 12:18 UTC
कोलकाताः प्रायः देखा जाता है कि जब राजनैतिक पार्टियां जीत का उत्सव मनाती हैं, तो वे चिंतामुक्त होकर मनाती हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल में एक उपचुनाव में जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस की खुशी के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। वहां उसकी जीत के बारे में किसी को भी संदेह नहीं था।

आधुनिक मतदान कराने की प्रणाली ईवीएम पर उठते सवाल

वीवीपीएटी की गणना का विकल्प भी मौजूद हो
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2017-04-17 09:54 UTC
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सत्ता परिवर्तन के इस दौर में जो दल कभी पीछे चल रहे थे, आज सबसे आगे है , जो आगे रहे थे , सबसे पीछे खड़े हैं । जनता जर्नादन किसे तख्त ताज देगी, किसे पदच्यूत कर देगी, कोई नहीं जानता। लोकतांत्रिक प्रक्रिया का इससे ज्यादा जीता जागता और क्या प्रमाण हो सकता है? चुनाव में जीत तो सबकुछ सही, हार तो हर प्रक्रिया संदेह के दायरे में , कुछ इसी तरह के परिवेश भारतीय लोकतंत्र में उभरने लगे है। जनाक्रोश को समझने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर संदेहात्मक सवाल उभरने लगे है। आज की मतदान कराने की आधुनिक प्रणाली इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशाीन पर कुछ इसी तरह के सवाल उभरने लगे है । जब कि यह प्रणाली मत पत्र प्रक्रिया से अधिक विश्वसनीय एवं तीव्रगति से परिणाम देने वाली साबित हुई ।
भारतः पश्चिम बंगाल

तीस्ता समझौते को लेकर प्रदेश भाजपा विभाजित

ममता को किसानों का समर्थन
आशीष बिश्वास - 2017-04-15 11:01 UTC
कोलकाताः सैद्धांतिक तौर पर देखा जाय तो केन्द्र की भाजपा सरकार के पास तीस्ता नदी के जल बंटवारे को लेकर निर्णय करना आसान नहीं है। पश्चिम बंगाल सरकार तीस्ता पानी के बांग्लादेश के साथ बंटवारे का विरोध कर रही है। क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस विरोध को नजरअंदाज कर पाएंगे? अथवा क्या वे बांग्लादेश के हितों को यथासंभव पूरा करते हुए क्या वे पश्चिम बंगाल को भी संतुष्ट रख पाएंगे?

तुष्टीकरण की राजनीति बंद होनी चाहिए

देश को मुद्दों में उलझाकर रखना भी ठीक नहीं
भरत मिश्र प्राची - 2017-04-13 12:05 UTC
देश में जब से सत्ता परिवर्तन का महौल बना है, मुद्दों के बीच राजनीति समाती चली गई है, जिसके कारण देश में आपसी टकराव की स्थिति उभरती गई एवं विकास के वास्तविक मुद्दे गौण होते चले गये। राजनीति ने सत्ता पर कब्जा कर मुद्दों पर आधारित उभरती नई समस्याओं के माध्यम से वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान आज तक अलग ही करती रही जिससे सत्ता परिवर्तन के बाद भी समस्या ज्यों कि त्यों ही नहीं रही बल्कि मिटने के बजाय दिन पर दिन गंभीर होती ही गई। फलस्वरूप आज देश में भ्रष्टाचार, लूट-खसोट, बेईमानी चरम सीमा पर पहुंच गई। महंगाई बढ़ती ही जा रही। देश की अस्मिता को बार- बार चुनौती मिल रही। पर आश्वासन एवं झूठे वादे के सिवाय कुछ नजर आता ही नहीं।

राष्ट्रपति की चुनाव सुधार की सलाह

2019 के लोकसभा चुनाव के पहले सुधार हो जाना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2017-04-12 09:11 UTC
एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चुनाव सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारी चुनाव प्रक्रिया में बहुत गड़बड़ियां आ गई हैं। इसलिए हमें उसमें जल्द से जल्द सुधार करना चाहिए। कुछ समय पहले भारत के प्रधान न्यायाधीश ने भी कहा था कि राजनैतिक पार्टियों को अपने चुनाव घोषणा पत्र को लेकर जवाबदेह होना चाहिए।

तृणमूल भाजपा में जोर आजमाइश

रामनवमी के दिन लगा अखाड़ा
आशीष बिश्वास - 2017-04-11 09:33 UTC
हालांकि यह विवादित था, फिर भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रायोजित रामनवमी उत्सव काफी लोकप्रिय रहा और तृणमूल कांग्रेस इसका प्रभावी राजनैतिक जवाब देने में विफल रही।

तमिलनाडु के एक उपचुनाव का स्थगन

धनबल का इ्र्रस्तेमाल लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-04-10 11:50 UTC
निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के आर के नगर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपुचनाव को स्थगित कर दिया है। यह उपचुनाव तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के कारण हो रहा था। जयललिता वहां की विधायक थीं और उनके निधन से यह सीट खाली हो गई थी। निर्वाचन आयोग ने यह उपचुनाव इसलिए स्थगित कर दिया, क्योंकि इसमें धनबल के भारी पैमाने पर प्रयोग की शिकायत आ रही थीं। निर्वाचन आयोग ने अपनी अधीन एजेंसियों से इसकी जांच करवाई। अनके जगह छापे पड़े और करोड़ों की राशि जब्त हुई। उस राशि का इस्तेमाल मतदाताओं को घूस देने के लिए किया जाना था। पता यह भी चला कि करोड़ों की राशि मतदाताओं में पहले ही बंट चुकी थी।