Skip to main content

View Articles

मध्यप्रदेश में लघु उद्यमियों को बढ़ावा

आर्थिक विकास के लिए छोटे उद्योग महत्वपूर्ण
राजु कुमार - 2016-10-03 17:53 UTC
मध्यप्रदेश में पिछली बार हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समीट में पहले दिन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पर चर्चा की गई थी। उस दरम्यान प्रदेश के छोटे उद्यमियों ने अपनी समस्याओं का पिटारा सरकार के आगे खोल दिया था। समस्याओं से जूझते लघु उद्यमियों को सरकार ने आश्वासन दिया था कि उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा और उनके लिए प्रदेश में अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा। दो साल बाद फिर प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर्स समीट होने वाला है। सरकार यह बता पाने में अभी समर्थ नहीं है कि पूर्व के इंवेस्टर्स समीट का कितना फायदा प्रदेश में हुआ, लेकिन सरकार को यह महसूस हुआ कि प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की संभावनाएं ज्यादा है। इन्हीं कारणों से इस बाद ग्लोबल इंवेस्टर्स समीट से पूर्व मध्यप्रदेश में दो दिवसीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम का सम्मेलन भोपाल में किया गया।

बिहार में शराबबंदीः आखिर क्यों इतने व्यग्र हैं नीतीश कुमार

उपेन्द्र प्रसाद - 2016-10-03 17:47 UTC
पटना हाई कोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार द्वारा अप्रैल में जारी की एक गई एक अधिसूचना को अवैध करार दिया। उसी अधिसूचना के तहत शराबबंदी लागू की गई थी और उच्च न्यायालय के आदेश आने तक उसी कानून के तहत हजारों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। नीतीश कुमार के लिए वह आदेश एक बड़ा झटका था। संयोग से उसी दिन शहादबुद्दीन की जमानत को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे जेल भिजवा दिया। शहाबुद्दीन को मिले जेल के लिए नीतीश कुमार उस रोज अपनी पीठ थपथपाते और सबसे बड़ी बात कि वे प्रदेश भर के अपराधियों को कड़ी चेतावनी देतेए, लेकिन उसी दिन शराबबंदी को लेकर पटना हाई कोर्ट के उस आदेश ने शहाबुद्दीन की फिर गिरफ्तारी की खबर को कमजोर कर दिया।
भारतः केरल

शुल्क वृद्धि पर विपक्ष का विरोध

कांग्रेस है आंदोलन की मुद्रा में
पी श्रीकुमारन - 2016-10-01 11:47 UTC
तिरुअनंतपुरमः प्रदेश का राजनैतिक तापमान बढ़ गया है। इसका कारण है प्रदेश सरकार द्वारा स्वपोषित मेडिकल काॅलेजों की पढ़ाई की फी बढ़ा देना। सरकार के इस निर्णय का विपक्षी यूडीएफ विरोध कर रहा है और इसके खिलाफ उसने आंदोलन तेज करने का निर्णय किया है।

बहुआयामी है मराठा आंदोलन

भाजपा-शिवसेना गठंबधन पर इससे पड़ रहा है दबाव
कल्याणी शंकर - 2016-09-30 11:09 UTC
आरक्षण पाने के लिए आंदोलनों का दौर जारी है। पहले गुजरात के पाटिदार आरक्षण की मांग कर रहे थे। उसके बाद गुजरात के पाटीदारों की बारी थी। फिर आंध्र प्रदेश के कापू आरक्ष पाने के लिए आंदोलित हो गए। अब महाराष्ट्र के मराठों की बारी है। अभी तक वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्होने कह रखा है कि वे अपना आंदोलन तेज कर देंगे।

मायावती को छोड़ रहे हैं बड़े नेता

ब्राह्मणों और मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश
प्रदीप कपूर - 2016-09-29 12:42 UTC
लखनऊः मायावती इस बार करो या मरो की लड़ाई लड़ रही हैं। अलग अलग जातियों के अनेक नेता उन्हें छोड़ चुके हैं और उन्हें लगातार छोड़ते जा रहे हैं। इसके कारण उनकी चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पर सत्ता फिर से पाने के लिए वे बहुत कठिन मेहनत कर रही हैं।
भारतः केरल

विजयन सरकार ने कृषि पर दिया जोर

पिछली सरकार द्वारा हुए नुकसान को कम करने की कोशिश
पी श्रीकुमारन - 2016-09-27 13:03 UTC
तिरुअनंतपुरमः एलडीएफ की विजयन सरकार ने धानभूमि और आर्द्रभभूमि कानून में बदलाव करने का निर्णय किया है। इसके कारण खेती को जबर्दस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गौरतलब हो कि उस कानून के कारण खेती को भारी नुकसान हो रहा था।

कौन चाहता है युध्द?

युध्द की स्थिति में कौन किसके साथ रहेगा!
अनिल जैन - 2016-09-26 10:47 UTC
जम्मू-कश्मीर के उडी सेक्टर में भारतीय सेना के ठिकाने पर हुए भीषण आतंकवादी हमले से पूरा देश क्षुब्ध और उद्वेलित है। इस हमले में हमारे 18 जवान मारे गए। स्पष्ट हो गया है कि हमले में जैश-ए-मुहम्मद नामक कुख्यात आतंकवादी संगठन का हाथ है जिसे पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से खाद-पानी मिलता है। कश्मीर घाटी में पिछले कुछ समय से जारी तनाव का पाकिस्तान फायदा उठाना चाहता है। एक तरफ वह संयुक्त राष्ट्र के मंच से कश्मीर मसले को उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर कश्मीर घाटी में आतंकवादियों की घुसपैठ करा कर तथा नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन की उकसाने वाली कार्रवाई कर भारत पर दबाव बनाना चाहता है। उसकी इन हरकतों और इरादों से भारतीय जन-मन का दुखी और आक्रोशित होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ कुछ लोगों, सत्तारुढ दल के नेताओं-समर्थकों, निहित स्वार्थों से प्रेरित कुछ रिटायर सैन्य अफसरों और पूर्व नौकरशाहों तथा मीडिया के एक बडे हिस्से की ओर से इस जनाक्रोश को युध्दोन्माद में बदलने की जो कोशिशें की जा रही हैं वे मुद्दे से भटकाने वाली तो है ही साथ ही हमारे देश आर्थिक-सामाजिक तानेबाने के लिए भी कम नुकसानदायक नहीं हैं।

भारत को गुटनिरपेक्ष आंदोलन से जुड़े रहना चाहिए

अमेरिका र्विश्वसनीय दोस्त नहीं हो सकता
अरुण श्रीवास्तव - 2016-09-24 12:27 UTC
वेनेजुअला में हुए गुट निरपेक्ष देशों के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिरकत नहीं की। विदेशी यात्राओं के लिए अपनी अलग पहचान बना चुके नरेन्द्र मोदी के लिए वेनेजुला के शिखर सम्मेलन में शिरकत नहीं करने का क्या राज हो सकता है? जाहिरा तौर पर तो यही लगता है कि अब इस आंदोलन को मोदी महत्व ही नहीं देते हैं, इसलिए उसमें भारत का प्रतिधित्व करने के लिए उन्होंने अपनी जगह उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को भेज दिया।

अरुणाचल प्रदेश की भजनमंडली

भाजपा ने कांग्रेस को एक बार फिर पछाड़ा
कल्याणी शंकर - 2016-09-23 13:00 UTC
हरियाणा में भजनलाल 1979 में जनता पार्टी के मुख्यमंत्री थे। 1980 में केन्द्र की सरकार बदल गई और कांग्रेस फिर सत्ता में आ गई। उसके बाद भजनलाल अपने पूरी मंत्रिपरिषद और जनता पार्टी विधायक दल के साथ कांग्रेस में आ गए। इस तरह उनकी जनता पार्टी की सरकार कांग्रेस की सरकार में तब्दील हो गई। कहावत बन गई कि भजनलाल ने अपनी पूरी भजनमंडली के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली।

बजट सुधार देर से उठाया गया कदम

अब यह ज्यादा कारगर होगा
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-09-22 12:13 UTC
आर्थिक सुधार कार्यक्रमों की शुरुआत नरसिंह राव सरकार ने 1991 में की थी और उसके बाद 25 साल गुजर चुके हैं, लेकिन फिर भी ये सुधार कार्यक्रम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन कार्यक्रमों की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मोदी सरकार ने बजट में भारी सुधार किए हैं। पिछले बुद्धवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला करके रेल बजट को आम बजट में मिला दिया गया है। योजना खर्च और गैर-योजना खर्च के नाम से बजट में खर्च को वर्गीकृत करने की प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया गया है और इन दोनो से भी ज्यादा महत्वपूर्ण निर्णय बजट पेश और पास करने की तारीख को आगे बढ़ा दिए जाने पर सैद्धांतिक रूप से सरकार का सहमत हो जाना है।