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काले धन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला

इसके अन्य ठिकानों पर भी हमला हो
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-11-09 11:20 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहा करते थे कि जो लोग 30 सितंबर तक अपने काले धन की घोषणा नहीं करेंगे, बाद में उन्हें रोना पड़ेगा। पिछले 8 नवंबर को 8 बजे शाम उन्होंने राष्ट्र के नाम संदेश जारी करते हुए अपनी उस चेतावनी को सही साबित कर दिया। करीब 65 हजार करोड़ रुपये के काले धन की घोषणा सरकार की माफी स्कीम के तहत की गई थी और उससे सरकारी खजाने को करीब 30 हजार करोड रुपये का लाभ हुआ था। अब पहले से चल रहे 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य कर देने की सरकार की घोषणा के साथ साथ इन दोनों करेंसियों में काले धन रखने वालों के पास रोन के अलावा और कुछ रह नहीं गया है।

एक दम तोड़ता शहर है दिल्ली

हम जहरीली हवा में सांस लेने को विवश हैं
अनिल जैन - 2016-11-08 11:57 UTC
जानलेवा वायु प्रदूषण के चलते देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर चर्चा में है। आधिकारिक तौर पर बताया जा रहा है कि वायु प्रदूषण के मामले में सबसे कुख्यात चीन की राजधानी को भी पीछे छोड दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बन गई है। दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी के नेता, मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जिस दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के सब्जबाग लोगों को दिखाए थे उस दिल्ली की हकीकत यह है कि वह आज एक दम तोडता शहर है। दिल्ली में जल प्रदूषण की स्थिति तो पहले से ही भयावह है। यमुना नदी प्रदूषण का खतरनाक स्तर पार कर चुकी है और इस तथ्य की भी पुष्टि हो चुकी है कि लोगों को पीने के लिए जिस पानी की आपूर्ति दिल्ली जल बोर्ड द्बारा की जाती है वह बेहद प्रदूषित होता है और राजधानी के लगभग 60 फीसदी बाशिंदे प्रदूषित पानी पीते हैं। राजधानी की सडकों पर गंदगी का आलम भी जगजाहिर है और वायु प्रदूषण बढते जाने का अनुभव तो यहां के लोगों को रोज ही होता है।

प्रदूषण बम पर बैठी है दिल्ली

राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की खुली पोल
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-11-07 17:15 UTC
एक प्रचलित कहावत है, ’’ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती’’। दिल्ली के सामने प्रकट प्रदूषण की समस्या हो हल करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जो निर्णय लिए हैं, उन पर यह कहावत पूरी तरह से लागू होती है। अभी दिल्ली में शरद ऋतु ने सिर्फ दस्तक दी है। असली ठंढा आना बाकी है और दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा तांडव उस समय होता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्यियस से नीचे और अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है, लेकिन अब जब दिल्ली के लोगों ने पूरी तरह से पंखे चलाना भी बंद नहीं किया है कि प्रदषण का स्तर जनवरी वाले स्तर को छू लिया है। अब आप सहज अंदाज लगा सकते हैं कि जब अधिकतक तापमान भी 10 डिग्री से नीचे रहेगा और न्यूनतम जब 4 से भी नीचे हो जाएगा व इसके साथ साथ सूर्यदेव के आकाश में सप्ताह तक दर्शन भी नहीं हो पाएगा, तो दिल्ली और दिल्ली में रहने वालों की स्थिति क्या होगी।

भारत में वंशवाद की राजनीति

नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की जगह लेना चाह रही है
कल्याणी शंकर - 2016-11-04 12:23 UTC
हमारे देश की राजनीति में वंशवाद का बोलबाला हो गया है। कांग्रेस तो वंशवाद के लिए विख्यात है ही, कुछ अपवादों को छोड़कर सभी क्षेत्रीय पार्टियों मे वंशवाद का ही बोलबाला है। लेकिन इस वंशवादी राजनीति में आज हम एक खास प्रवृति देख रहे हैं। वह प्रवृति यह है कि नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की जगह लेना चाह रही है और पुरानी पीढ़ी अपनी जगह से हटने को या तो तैयार नहीं है या उसे लगता है कि नई पीढ़ी अभी उतनी सक्षम नहीं हुई है कि वह उसकी जगह ले सके।

भोपाल मुठभेड़ का रहस्य गहराया

अलग अलग के बयान पुलिस पर संदेह पैदा करते हैं
एल एस हरदेनिया - 2016-11-03 11:48 UTC
भोपालः एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कह रहे हैं कि उन्हें आतंकवादियो के लिए आंसू बहाते हुए शर्म नहीं आ रही है और दूसरी ओर जिन परिस्थितियों में आतंकवादी जेल से फरार हुए और जिस तरह से उनकी मौत हुई, उसने पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पर संदेह पैदा कर दिए हैं।

टाटा समूह में घमसान

देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह की प्रतिष्ठा को धक्का
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-11-02 12:37 UTC
टाटा समूह में जो कुछ हो रहा है, वैसा अतीत में कभी भी नहीं हुआ था। जिस तरह से साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटाया गया, वैसा पहले कभी नहीं किया गया था। इसके साथ यह भी सच है कि टाटा परिवार से बाहर का कोई भी व्यक्ति इस समूह का अध्यक्ष पहले नहीं बना था। जमशेदजी टाटा ने इस समूह की स्थापना 1868 में की थी। उनके दो बेटे थे- दोराबजी टाटा और रतनजी टाटा। जमशेदजी के बाद दोराबजी टाटा इस ग्रुप के प्रमुख बने थे। उनके छोटे भाई रतनजी टाटा की मौत उनसे पहले ही हो गई थी और दोनों भाइयों को कोई पुत्र नहीं था।

क्या राहुल गांधी केरल में सफल हो पाएंगे?

दोनों गुट उनकी योजना को विफल करने को कटिबद्ध हैं
पी श्रीकुमारन - 2016-11-01 11:40 UTC
तिरुअनंतपुरमः क्या कांग्रेस उपाध्यक्ष केरल में अपनी इच्छा के अनुसार पार्टी को चला पाएंगे? उन्होंने दक्षिण के इस प्रांत के लिए कुछ योजनाएं बना रखी हैं। क्या वे उन योजनाओं को अमली जामा पहना पाएंगे? यह सवाल प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं और कार्यकत्र्ताओं के दिमाग में तैर रहा है।

समाजवादी पार्टी पर नियंत्रण खो रहे हैं मुलायम

भारी पड़ रहे हैं अखिलेश
हरिहर स्वरूप - 2016-10-31 11:12 UTC
समाजवादी पार्टी का अंदरूनी कलह समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े हैं और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव रोज रोज अपना बयान बदलते हैं। इससे पता चलता है कि पार्टी के अंदर जबर्दस्त विभाजन है। इसके कारण अगले साल होने वाले चुनाव में पार्टी को जबर्दस्त झटका लगने वाला है।

एक बार फिर महागठबंधन की गूंज

किस हद तक संभव है यह?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-10-29 10:08 UTC
एक बार फिर महागठबंधन की चर्चा जोरों पर है। पिछले साल जब बिहार में विधानसभा के चुनाव हो रहे थे, तो इसकी खूब चर्चा हुई थी। एक महागठबंधन बना भी था और उसकी जीत भी हो गई थी, हालांकि उस महागठबंधन में सिर्फ तीन पार्टियां ही शामिल थीं। दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में चार पार्टियां शामिल थी, फिर भी तीन पार्टियों के गठबंधन को ही महागठबंधन कहा गया। उसमें कुछ और पार्टियों को भी शामिल होना था, लेकिन वे शामिल नहीं हुईं। जैसे एनसीपी और समाजवादी पार्टी को भी शामिल होना था, लेकिन ये दोनों पार्टियां उसमें नहीं शामिल हुई थीं।

करुणानिधि ने स्टालिन को अपना वारिस घोषित किया

डीएमके ले रही है राहत की सांस
कल्याणी शंकर - 2016-10-28 11:27 UTC
भारत में वंशवाद की राजनीति लगातर मजबूत होती जा रही है। पार्टियों के नेता अपने परिवार के सदस्यों को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रहे हैं। सोनिया गांधी तो खुद वंशवाद की पैदाइश हैं और उन्होंने राहुल गांधी को अपना वारिस अघोषित रूप से घोषित कर रखा है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, जो शिरोमणि अकाली दल के नेता हैं, अपना उत्तराधिकारी अपने बेटे सुखबीर बादल को घोषित कर चुके हैं।