Skip to main content

View Articles

केरल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस के जाल में फंस रही है सीपीएम

पी श्रीकुमारन - 2016-04-25 12:50 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ अपनी रणनीति में सफल होता दिखाई पड़ रहा है। वह चुनाव प्रचार के दौरान अपनी सरकार के कार्यकाल की खामियों को मुद्दा बनने देना नहीं चाहता। इसके लिए उसने विपक्षी सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ के खिलाफ जाल बिछाया है और सीपीएम और उसके नेतृत्व वाला यूडीएफ उस जाल में फंसते जा रहे हैं।

भोपाल का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: पर्यावरणवादी कर रहे हैं विरोध

एल एस हरदेनिया - 2016-04-23 09:35 UTC
भोपालः भोपाल में भी एक स्मार्ट सिटी बनाने की मंजूरी मिली है। इस परियोजना की शुरूआत होना अभी बाकी है, लेकिन पहले से ही इसके खिलाफ माहौल बनने लगा है। कहा जा रहा है कि इसके कारण आसपास के इलाके के पर्यावरण की भारी क्षति होगी। इसलिए जिस इलाके में इसे बनाया जाना है, उस इलाके के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

तमिलनाडु चुनाव में पुराना फिल्मी नाच

विजयकांत बनाम रजनीकांत की पुरानी लड़ाई एक बार फिर
कल्याणी शंकर - 2016-04-22 09:37 UTC
तमिलनाडु का चुनावी संग्राम तेज हो रहा है और उसमें फिल्मी मसाला भी रंग भर रहा है। दो सिने अभिनेता भी आमने सामने खड़े हैं। एक तरफ अभिनेता से नेता बन चुके विजयकांत खड़े हैं, तो दूसरी तरह रजनीकांत खड़े हैं। दोनों के अपना अपना प्रशंसक समूह है। विजयकांत को उनके प्रशंसक कैप्टन कहते हैं। इसका कारण उनकी एक फिल्म का नाम कैप्टन प्रभाकरण था। वह फिल्म बहुत हिट हुई थी। उसके बाद ही लोग उन्हें कैप्टन कहने लगे। आज तमिलनाडु में कैप्टन के पास प्रशंसकों का सबसे बड़ा ग्रुप है। इस चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों द्वारा कैप्टन की सबसे ज्यादा खोज की जा रही थी।

अम्बेडकर के जन्मस्थान पर छुआछूत का राज

जन्मोत्सव मनाने का कोई मतलब नहीं बनता
एल एस हरदेनिया - 2016-04-21 10:01 UTC
भोपालः पिछले 14 अप्रैल को देश की अनेक पार्टियां अम्बेडकर जयंती मनाने में एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करती दिखाई दे रही थीं, लेकिन जिन लोगों के लिए अम्बेडकर ने संघर्ष किया, उन लोगों की दशा के प्रति कोई पार्टियां चिंतित नहीं थी। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मध्यप्रदेश में अम्बेडकर प्रतिमा के सामने अपना सिर झुका रहे थे, उसी दिन एक गांव में दलित महिलाओं को अगड़ी जातियों के दबंगों द्वारा पीने के पानी के सा्रेत तक जाने से रोक दिया गया था।

खूब फल-फूल रहा है पेड न्यूज का धंधा

एम.वाई. सिद्दीकी - 2016-04-20 12:58 UTC
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश की संसद को तीन बार जुलाई 2010, नवंबर 2010 और जुलाई 2011 में आश्वस्त करने के बावजूद पेड न्यूज का धंधा दिन दुनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रही है। प्रेस काउंसिल केमाध्यम से पेड न्यूज को खत्म करने के लिए सरकार ने जो समय सीमा तय किए वे ठंडे बस्ते में हैं और खुद प्रेस काउंसिल की अनुशंसाएं भी मजा क का पात्र बनी हुई हैं। यह सोलहवीं लोकसभा की संसदीय समिति की 27वीं रिपोर्ट है। इसे देखते हुए समिति ने सरकार के इस रूख पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है और कहा है कि इससे जनहित अधिनियम 1951 के मूल सिद्धांतों का सरासर हनन हो रहा है। कमिटी सूचना प्रसारण मंत्रालय के इस रूख से हतोत्साहित है कि वह पेड न्यूज को ले कर सख्त कार्रवाई की नीति को अंजाम नहीं दे रहा जबकि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने जुलाई 2010 में अपनी रिपोर्ट दे दी थी। मंत्रालय के इस रूख के कारण चुनावों के दौरान छपने/प्रसारित होने वाले विभिन्न तरह के एडवोटोरियल/न्यूज से जनता के अधिकारों का हनन होता है।

मुकुन्दन की घरवापसी से भाजपा का भला नहीं होनेवाला

इससे पार्टी में गुटबाजी ही बढ़ेगी
पी श्रीकुमारन - 2016-04-20 12:55 UTC
तिरुअनंतपुरमः एक दशक के बाद भारतीय जनता पार्टी में इसके पुराने नेता मुकुन्दन की वापसी हो गई है। इससे भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी तेज होने की आशंका बढ़ गई हैं।

कांग्रेस मुक्त भारत के बाद संघ मुक्त भारत

आखिर क्या चाहते हैं नीतीश कुमार
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-04-19 12:14 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनाव के पहले से ही कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रहे हैं। उनके कहने का मतलब है कि भारत में कांग्रेस पार्टी का वजूद ही समाप्त कर दिया जाय। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई और यह लगने लगा कि कहीं वास्तव में कांग्रेस समाप्ति की ओर तो नहीं बढ़़ रही है। पर एक के बाद एक हार का सामना करने के बाद अब कांग्रेसियों में विश्वास पैदा हो रहा है। बिहार के चुनाव में उसे अच्छी सीटें मिलीं। झबुआ-रतलाम लोकसभा की सीट भी एक उपचुनाव में उसे मिली। गुजरात के स्थानीय निकायों के चुनाव में भी उसे पहले से ज्यादा सफलता मिली।

संघ का अंबेडकर प्रेम

क्या दलित जुड़ पाएंगे भाजपा से?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-04-18 12:53 UTC
जब प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी डाॅक्टर भीम राव अंबेडकर की प्रशंसा में लच्छेदार भाषण कर रहे थे, तो लोगों को लग रहा था कि वह उनकी व्यक्तिगत मान्यता है, जो उनके संघ परिवार से हटकर है। कुछ लोग ऐसा भी मान रहे थे कि मोदीजी का अंबेडकर प्रेम उन्हें संघ के एक तबके में अलोकप्रिय बना देगा, क्योंकि आमतौर पर माना जाता है कि संघ के लोग अंबेडकर के प्रेमी हो नहीं सकते। इसके पीछे ठोस कारण भी हैं। आरएसएस हिन्दुत्व की बात करती है और उसके द्वारा भारत के सुनहरे अतीत का गौरव गान करती है, जबकि अंबेडकर हिन्दू धर्म के कटु आलोचक हुआ करते थे। हिन्दू धर्म क प्रति अंबेडकर का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने इस धर्म का त्याग ही कर दिया और बौद्ध बन गए।

सुप्रीम कोर्ट तीन बेंच मामला: सरकार ने ई-फाइलिंग से मामले जल्द निपटाने की दी सलाह

शशिकान्त सुशांत - 2016-04-17 04:22 UTC
भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन नए बेंच, कोलकाता, चेन्नई, बनाए जाने को ेलेकर दायर याचिका पर जारी नोटिस का जवाब देते हुए जो ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है उसमें स्पष्ट कहा है कि बेंच बनाने की कोई जरूरत नहीं है, सुप्रीम कोर्ट सूचना तकनीक का इस्तेमाल करे ई- फाइलिंग के तहत मामले का निपटारा जल्द से जल्द करें और केसों में अनावश्यक देरी को कम करने के लिए कदम उठाए, लंबित केसों को जल्दी निपटाने के बारे में सोचे और जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार को संविधान संशोधन का सुझाव देना बंद करे।

अंबेडकर की विरासत पाने की होड़

भाजपा और कांग्रेस लगा रही है पूरा जोर
कल्याणी शंकर - 2016-04-17 04:17 UTC
दलित प्रतीक भीमराव अंबेडकर की विरासत हो हथियाने के लिए देश की दो प्रमुख राजनैतिक पार्टियों में होड़ मची हुई है। वैसे कुछ अन्य पार्टियां भी हैं, जो अंबेडकर की विरासत का दावा कर रही हैं।
Collapse/expand modules below