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अमित शाह को दूसरा टर्म

चुनौतियां और भी ज्यादा हैं
कल्याणी शंकर - 2016-01-22 12:49 UTC
अमित शाह दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बन रहे हैं। सच तो यह है कि पूरे टर्म के लिए वे पहली बार अध्यक्ष बन रहे हैं। 23 जनवरी को उनका जो टर्म समाप्त हुआ, दरअसल उनका नहीं था, बल्कि राजनाथ सिंह का था। राजनाथ सिंह के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने और अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद उनका यह पद खाली हुआ है और राजनाथ सिंह के बचे शेष कार्यकाल के लिए अमित शाह को भाजपा का अध्यक्ष बना दिया गया।

रोहित वेमुला की आत्महत्या

नरेन्द्र मोदी के आम्बेडकर प्रेम की परीक्षा की घड़ी
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-01-21 20:07 UTC
अपने को ’नीची जाति’ का बताकर नरेन्द्र मोदी ने अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा में बहुमत दिला दिया। बहुमत पाने के बाद उन जातियों के लोगों के लिए उन्होंने कोई काम तो नहीं किया, लेकिन बाबा साहिब भीम राव आम्बेडकर का ऐसा गुणगान शुरू कर दिया, मानों वे ही उनकी प्रेरणा के सा्रेत हों। आम्बेडकर से संबंधित प्रतिष्ठानों, भवनों, स्मृतिस्थलों और तिथियों को भी उन्होंने सम्मानित करना शुरू दिया। उन्होंने वह सबकुछ किया, जिसकी आम्बेडकरवादी लंबे समय से मांग करते आ रहे थे और जिस पर पूर्ववत्र्ती यूपीए की सरकार बहुत उत्साह नहीं दिखा रही थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम्बेडकर की 125वीं जयंती वर्ष समारोहों को भी बहुत धूमधाम से मनाने का फैसला किया। जिस दिन भारत का संविधान तैयार होकर स्वीकृत हुआ, उस दिन को उन्होंने संविधान दिवस के रूप में घोषित कर उसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह एक राष्ट्रीय दिवस बना दिया और उस घोषणा को आम्बेडकर साहिब की 125वीं जयंती के एक समारोह के रूप में तब्दील कर दिया।

झारखंड का मानव निर्मित जल संकट

रियल इस्टेट वालों का लोभ समस्या को गंभीर बना रहा है
अरुण श्रीवास्तव - 2016-01-21 20:05 UTC
पिछले 10 सालों से झारखंड भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है। सत्ताधारी आभिजात्य वर्ग और राजनीतिज्ञ बस एक ही रट लगा रहे हैं कि जल संरक्षण के तरीकों को अपना कर इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। हो सकता हो, वह सही हों, लेकिन इन लोगों के पास समस्या के हल के लिए कोई दृष्टि नहीं है।

सीपीएम के लिए बिछाया कांग्रेस ने जाल

क्या सीपीएम उसमें जा फंसेगी?
पी श्रीकुमारन - 2016-01-19 18:20 UTC
तिरुअनंतपुरमः क्या सीपीएम और इसके नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (वालोमा) सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (संलोमा) के बिछाए जाल मे फंस जाएंगे?

मुख्यभूमि भारत से पूर्वोत्तर का जुड़ाव

यह है भारत के हित में
आशीष बिश्वास - 2016-01-18 17:49 UTC
अगरतल्ला से अम्बासा के बीच एक रेल लिंक पर एक विशेष गाड़ी के चालन का सफल परीक्षण हुआ। यह ब्रोड गेज की लाइन है। इसके कारण भारत की मुख्यभूमि के साथ भारत का रेल जुड़ाव मजबूत हो गया है।

भाजपा को उत्तर प्रदेश में एक बड़े चेहरे की तलाश

क्या कल्याण सिंह को सौंपा जाएगा बागडोर?
प्रदीप कपूर - 2016-01-16 10:37 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक विश्वसनीय चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ना चाह रही है। बिहार चुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी को यह सोचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि नरेन्द्र मोदी की प्रतिष्ठा को विधानसभा चुनावों मे दांव पर लगाना कितना उचित है। इसी सोच के साथ भारतीय जनता पार्टी को लग रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी पर निर्भर रहना उचित नहीं।

केजरीवाल सरकार का एक साल

नाटकबाजी के साथ कुछ ठोस शुरुआत भी
कल्याणी शंकर - 2016-01-15 09:23 UTC
पिछले साल फरवरी महीने में तीन साल पुरानी आम आदमी पार्टी दिल्ली के केन्द्र शासित प्रदेश में सत्ता में भारी बहुमत के साथ आई। एक साल के बाद यदि उसकी उपलब्धियों की चर्चा की जाय, तो कहा जा सकता है कि वे लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। अभी उनके पास चार और साल है, जिसमें वे लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश भाजपा में गुटबाजी चरम पर

मैहर जीत के लिए चौहान ने लगाया पूरा जोर
एल एच हरदेनिया - 2016-01-14 04:11 UTC
भोपालः भाजपा शासित मध्यप्रदेश में विचित्र घटनाएं घट रही हैं। क्या यह कोई सोच भी सकता है कि एक ही मंत्रिमंडल के दो सदस्य एक पार्टी से बाहर के पद के लिए आपस में चुनाव लड़ सकते हैं? लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा हो रहा है। भारत स्काउट्स के लिए चुनाव हो रहे हैं। उसका सबसे महत्वपूर्ण पद है मुख्य आयुक्त। इस पद पर दो मंत्री चुनाव के लिए पर्चा दाखिल कर चुके हैं। एक मंत्री हैं दीपक जोशी, स्कूल शिक्षा के राज्य मंत्री हैं, तो दूसरे मंत्री हैं पारस जैन जो स्कूल शिक्षा के कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा नेतृत्व कोशिश कर रही है कि उन दोनों में से कोई एक अपना नाम वापस ले ले, लेकिन यह रिपोर्ट लिखे जाने तक सारी कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। अब तक स्कूल राज्यमंत्री ही मुख्य आयुक्त के पद पर रहा करते थे।

महाराष्ट्र नगरनिकाय चुनावों में भाजपा की हार

नरेन्द्र मोदी के लिए संदेश स्पष्ट है
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-01-12 10:00 UTC
पिछले साल हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी लगातार हारती गई। सबसे पहले दिल्ली और नवंबर महीने में बिहार में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली में तो उसका सूफड़ा ही साफ हो गया। बिहार मे जीत के सारे कारण उसके पास मौजूद थे, उसके बावजूद उसकी भारी हार हुई। उसके बाद हुए मध्यप्रदेश के एक लोकसभा उपचुनाव में भी उसकी हार हुई। फिर झारखंड के विधानसभा उपचुनाव में भी उसकी हार हुई। गौरतलब हो कि मध्यप्रदेश और झारखंड में जिन सीटों पर हार हुईं, वे सीटें उपचुनाव के पहले उसके पास ही थीं।

हिमालय से खिलवाड़ अब और नहीं

अदालतों के भरोसे हम बेफिक्र नहीं हो सकते
अनिल जैन - 2016-01-11 10:41 UTC
हाल ही में पूर्वोत्तर भारत में आए भूकंप के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग से जुडे वैज्ञानिकों ने हिमालय की तलहटी में इस वर्ष भीषण भूकंप की चेतावनी दी है। पिछले दिनों लगातार आए भूकंपों के अध्ययन के आधार पर भूगर्भ वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में 8.2 की तीव्रता वाला यह भूकंप समूचे उत्तर भारत में भारी तबाही मचा सकता है। इस चेतावनी का एक ही संकेत है कि हिमालय को लेकर अब हमें गंभीर हो जाना चाहिए। दुनिया के जलवायु चक्र में तेजी से हो रहे परिवर्तन के चलते हिमालय का मामला इसलिए भी बहुत ज्यादा संवेदनशील है कि यह दुनिया की ऐसी बड़ी पर्वतमाला है, जिसका अभी भी विस्तार हो रहा है। इस पर मंडराने वाला कोई भी खतरा सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि चीन, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार आदि देशों के लिए भी संकट खड़ा कर सकता है।
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