Skip to main content

View Articles

बराक ओबामा की भारत यात्रा

गणतंत्र दिवस की मेहमानी से ज्यादा
कल्याणी शंकर - 2015-01-23 11:51 UTC
नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का स्वागत करने के लिए तैयार है। वे 26 दिसंबर को होने वाले देश के मुख्य समारोह मे मुख्य अतिथि बनकर आ रहे हैं। यह इतिहास का पहला मौका होगा, जब अमेरिका का कोई राष्ट्रपति हमारे गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य अतिथि होगा। ओबाम दंपत्ति 26 जनवरी के परेड का अवलोकन करेंगे।
भारत: केरल

नये संकट में फंसा यूडीएफ सरकार

बार घूसखोरी कांड में नया खुलासा
पी श्रीकुमारन - 2015-01-22 11:49 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार का संकट और भी बढ़ गया है। इसका कारण शराब के बार मालिकों के र्संघ द्वारा दी गई घूस का मामला है। वित्तमंत्री के एम मणि पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने बार संघ के मालिकों से घूस खाए। इसी मामले में अब कुछ नई बातें सामने आई हैं।
भारत

आने वाला एक साल मोदी के लिए कठिन होगा

लोगों को विकास की कीमत चुकानी होगी
एस सेतुरमण - 2015-01-21 12:43 UTC
सत्ता हासिल करने के बाद मोदी सरकार ने विदेशों में अपनी छवि बेहतर करने की कोशिश की। देश के लोगों की उम्मीदों को थोड़ा और बढ़ाया। अभी भी वह उत्सव के माहौल में हैं। उसके उत्सव का यह माहौल 26 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। उस रोज गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट पर एक बड़ा राष्ट्रीय उत्सव होगा और वह भी अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में। वे उस उत्सव समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
भारत

पार्टी अध्यक्ष के रूप में विफल होंगे राहुल

स्वाभाविक नेता का मिथ ध्वस्त हो चुका है
अमूल्य गांगुली - 2015-01-20 11:24 UTC
कांग्रेस द्वारा पारित किए गए पिछले प्रस्ताव में एक दिलचस्प वाक्य है। उसमें कहा गया है कि कांग्रेस की अध्यक्ष और इसके उपाध्यक्ष की जबर्दस्त विश्वसनीयता है और देश के लोगों का उनके साथ जबर्दस्त भावनात्मक लगाव है और पार्टी को चाहिए कि वह इस राजनैतिक पूंजी की रक्षा करे और उसका लाभ उठाए। प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रगतिशील और उदार ताकतों को अपने इर्द गिर्द जमा करने वालों के स्वाभाविक प्रतीक हैं।
भारत

त्रिशंकु विधानसभा की ओर बढ़ती दिल्ली

आप और भाजपा के बीच कठिन टक्कर
हरिहर स्वरूप - 2015-01-19 11:27 UTC
दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद तीन संभावनाएं पैदा हो सकती हैं। सबसे अधिक संभावना इस बात की है कि एक बार फिर विधानसभा त्रिशंकु हो। दूसरी संभावना आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन की हो रही है, तो तीसरी संभावना भाजपा के सरकार बनने की है। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी को शायद अपने बूते बहुमत हासिल नहीं हो। सवाल उठता है कि यदि विधानसभा त्रिशंकु नहीं रही तो फिर क्या होगा। क्या कांग्रेस आम आदमी पार्टी की सरकार का समर्थन करेगी? शीला दीक्षित ने तो कुछ ऐसा ही संकेत दिया था।
भारत: दिल्ली विधानसभा चुनाव

मोदी की आभा से चमत्कृत और केजरीवाल से सम्मोहित जनता आखिर किधर जयेगी

राजनीतिक विष्लेशकों के लिए भी उत्तर आसान नहीं रहा
डॉ ज्ञान पाठक - 2015-01-17 11:35 UTC
दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी? भाजपा की या आम आदमी पार्टी की? यही दो प्रश्न आज दिल्लीवासियों के बीच ही नहीं बल्कि देश भर में राजनीतिक चर्चाओं के केन्द्र में हैं। दोनों राजनीतिक पार्टियों के बीच जिस प्रकार कांटे की टक्कर होने की सम्भावना उत्पन्न हो गयी है उसमें धुरन्धर राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी इनका स्पष्ट जवाब देना कठिन हो गया है। एक तरफ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व से चमत्कृत जनता भाजपा को सत्ता में बहुमत से लाने के लिए कटिबद्ध दिखती है तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की आभा से सम्मोहित जनता उन्हें एक बार फिर दिल्ली की गद्दी देने पर उतारू हो गये लगती है। कांग्रेस का नाम लेने वाला तो कोई-कोई ही मिलता है जो कांग्रेस की दुर्गति का स्पष्ट संकेत दे देता है।
भारत

भाजपा में किरण बेदी: दिल्ली विधानसभा चुनाव हुआ दिलचस्प

उपेन्द्र प्रसाद - 2015-01-17 11:22 UTC
किरण बेदी के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को फायदा होगा या नहीं, इसे तो दावे के साथ अभी नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसने दिल्ली विधानसभा के चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है। सुश्री बेदी के भाजपा में शामिल होने को दल बदल की घटना नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वे पहले कभी किसी दल में रही ही नहीं हैं। अन्ना के आंदोलन में वे जंरूर रही थीं, लेकिन जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ, तो उन्होंने इसमें शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले विधानसभा चुनाव के पहले अरविंद केजरीवाल ने किरण बेदी को पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया था और दिल्ली के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तक घोषित करने की बात कर दी थी। इसके बावजूद किरण बेदी राजनीति में नहीं आईं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थन में एक वक्तव्य देने से भी इनकार कर दिया था।

दिल्ली चुनाव : भाजपा और आप में कड़ी टक्कर

कल्याणी शंकर - 2015-01-16 11:42 UTC
आगामी 7 फरवरी को दिल्ली विधानसभा का होने वाला चुनाव कई मायने में महत्वपूर्ण है। दिल्ली एक केन्द्र शासित प्रदेश है और इसे अभी पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला है।
दिल्ली विधानसभा का चुनाव

भाजपा पर भारी पड़ सकता है केजरीवाल का पहला वार

उपेन्द्र प्रसाद - 2015-01-15 11:43 UTC
नई दिल्लीः विधानसभा चुनावों की तारीखें घोषित हो गई हैं और उम्मीदवारों ने नामांकन करना भी शुरू कर दिया है। चुनाव अभियान में फिलहाल आम आदमी पार्टी अपने अन्य प्रतिद्वंद्वियों से आगे है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के पहले ही इसने सारे उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए थे। कांग्रेस ने भी कुछ उम्मीदवारो के नाम चुनाव तारीखों की घोषणा के पहले किए थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसमें काफी पिछड़ी हुई है। उसके प्रत्याशियो के नामों का सामने आना अभी बाकी है।

कौन बनेगा केरल का नया सीपीआई सचिव

के राजेन्द्रन और के इस्माइल हैं रेस में
पी श्रीकुमारन - 2015-01-14 10:43 UTC
तिरुअनंनपुरमः केरल प्रदेश का अगला सीपीआई सचिव कौन होगा? यह सवाल सिर्फ सीपीआई के लोगों की ही दिलचस्पी का कारण नहीं है, बल्कि अन्य वाम पार्टियों से जुड़े लोग भी इस सवाल के जवाब में दिलचस्पी रखते हैं।
Collapse/expand modules below