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भारत

राज्यसभा में आंकड़ों का हाल: सुरक्षित है मोदी सरकार

अशोक बी शर्मा - 2014-06-12 01:54 UTC
नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में अपने बूते ही पूर्ण बहुमत हासिल कर रखा है। 1984 के बाद पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने वाली पहली पार्टी भाजपा है और वह एकमात्र गैरकांग्रेसी पार्टी है, जिसे यह बहुमत मिल पाया है। यदि उसके चुनाव पूर्व सहयोगियों को भी उसके साथ शामिल कर लिया जाय, तो उसकी सरकार को लोकसभा में 336 सांसदों का समर्थन हासिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के पहले कहा जा रहा था कि वे उन दोनों दलों को भी अपने साथ गठबंधन में रखना चाहते हैं। पर मुलाकात के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने साफ कर दिया कि उनकी भूमिका विपक्ष की रहेगी और वे सरकार का मुद्दों पर आधारित समर्थन ही कर पाएंगे।
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असम में बढ़ता तनाव

बांग्लादेशियों का मुद्दा गर्म हो रहा है
बरुण दास गुप्ता - 2014-06-10 17:56 UTC
कोलकाताः लोकसभा चुनाव के बाद असम की राजनैतिक स्थिति बदल गई है। इस चुनाव मे कांग्रेस की भारी हार हुई, जबकि भारतीय जनता पार्टी को सफलता हासिल हुई। असम को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन इस बार 14 लोकसभा क्षेत्रों में से मात्र 3 क्षेत्र में ही उसके उम्मीदवार जीत सके, जबकि भाजपा के 7 सांसद यहां से लोकसभा चुनाव में जीतकर गए हैं। तीन पर आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के उम्मीदवार जीते, जबकि एक पर एक निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा।
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चांडी का मंत्रिपरिषद पुनर्गठन मुश्किल में

चेनिंथाला और सुधीरन ने किया विरोध
पी श्रीकुमारन - 2014-06-09 17:07 UTC
तिरुअनंतपुरमः कहा जाता है कि पुरानी आदत कभी समाप्त नहीं होती। केरल में लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में जो कुछ हो रहा है, वह इस कहावत का सच्चा साबित कर रहा हैं।
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आम आदमी पार्टी का संकट

गलत लोगों की घुसपैठ ने नैया डुबोई
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-06-07 16:42 UTC
अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी का जितनी तेजी से उभार हुआ था, उतनी तेजी से ही उसका पतन होता दिखाई पड़ रहा है। पिछले साल दिसंबर महीने की दिल्ली विधानसभा चुनाव में सफलता पाने के बाद पार्टी के नेताआंे ने एक से बढ़कर एक गलतियां की, जिसका खामियाजा इसे भुगतना पड़ा है। कोई एक गलती की होती, तक तो बात शायद इतनी नहीं बिगड़ती, पर इसने तो गलतियों की श्रृंखला ही तैयार कर दी।
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तेलंगाना के गठन के बाद नवनिर्माण की चुनौतियां

कल्याणी शंकर - 2014-06-06 16:09 UTC
तेलंगाना अब एक वास्तविकता बन गया है। भारत संघ के 29 वें प्रदेश के रूप में उसने अस्तित्व प्राप्त कर लिया हैं। अब सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसमें शक नहीं कि जिन पार्टियों और नेताओं ने इस राज्य के गठन के लिए संघर्ष किया, वे सफलता पाने के बाद इतरा रहे हैं, लेकिन गठन के साथ ही उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता है। नवगठित प्रदेश के सामने आज अनेक चुनौतियां हैं और अवसर भी। तेलंगाना और पड़ोसी आंध्र प्रदेश के बीच कटुता पैदा हो गई है, लेकिन दोनों प्रदेशों को इस कटुता को भूलकर एक दूसरे के सहयोग से अपने अपने विकास के काम को अंजाम देना चाहिए। दोनों राज्यों में पिछले विधानसभा चुनाव ने स्थाई सरकारें दी हैं। यह अच्छी बात है। दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
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भाजपा बन गई है तृणमूल की मुख्य विरोधी पार्टी

कांग्रेस और वाम हाशिए पर
आशीष बिश्वास - 2014-06-05 16:55 UTC
कोलकाता: पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 42 में से कुल 36 सीटें मिलीं। सीटों के लिहाज से इसे तृणमूल का शानदार प्रदर्शन कहा जा सकता है। चुनाव के पहले ममता बनर्जी कह रही थीं कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने जा रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसने पश्चिम बंगाल से बाहर भी अपने अनेक उम्मीदवार खड़े कर डाले थे। पर प्रदेश के बाहर के उसके सारे उम्मीदवारों की जमानतें जब्त हो गई। तृणमूल उम्मीदवारों को सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही जीत हासिल हो सकी।
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दिल्ली विधानसभा के मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट

अक्टूबर में हो सकते हैं चुनाव
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-06-05 03:48 UTC
नई दिल्लीः केन्द्र की दिल्ली सरकार के गठन के बाद अब प्रदेश की दिल्ली सरकार का मामला भी सुलटना है। राजनैतिक हलकों में पहले कयास लगाया जा रहा था कि केन्द्र की सरकार बनने के दिल्ली की प्रदेश राजनीति की गतिविधियां बढ़ेंगी और निलंबित विधानसभा से ही कोई सरकार निकल जाएगी। पर ऐसा होना अब नामुमकिन लगता है।
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हारने वाले सिर्फ राहुल ही नहीं हैं

हार केजरीवाल और करात की भी हुई है
अमूल्य गांगुली - 2014-06-03 10:29 UTC
पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की हार की चर्चा तो खूब हो रही है, पर हारने वाले लोग और भी हैं उनमें से अरविंद केजरीवाल और प्रकाश करात भी शामिल हैं। राहुल की तरह इन दोनों की मिट्टी भी काफी पलीद हुई है। अरविंद केजरीवाल की इस पराजय की भविष्यवाणी तो उनके गुरू अन्ना हजारे ने ही कर दी थी। उन्होंने केजरीवाल का सत्ता का भूखा कहा था।
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राज्यपालों पर मोदी की नजर

कुछ को इस्तीफा देने के लिए कहा जा सकता है
हरिहर स्वरूप - 2014-06-02 15:13 UTC
कांग्रेस सिकुड़कर लोकसभा में 44 सीटों तक सीमित हो गई है, लेकिन कांग्रेसी इस समय कम से कम 18 राज्यों में राज्यपाल के पदों पर विराजमान हैं। क्या नरेन्द्र मोदी सरकार के लिए उन्हें हटाना संभव हो पाएगा? सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की पृष्ठभूमि में उन्हें हटाना आसान नहीं होगा। लेकिन पुराने अनुभवों देखते हुए उन्हें बर्खास्त करने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पहले तो उन्हें इस्तीफा देने के लिए का जा सकता है और वैसा नहीं करने पद उन्हें उनके पदों से हटाने का आदेश जारी किया जा सकता है।
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मध्यप्रदेश कांग्रेस का आत्ममंथन

कड़वे सच से होगा साक्षात्कार
एल एस हरदेनिया - 2014-06-01 14:10 UTC
भोपालः जब मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा से प्रदेश में कांग्रेस की शर्मनाक हार का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मामले में हमारा आत्ममंथन पूरा नहीं हुआ है। इसमें करीब एक महीना लग सकता है और उसके बाद ही हम इसके कारणो के बारे में कुछ कह सकेंगे। गौरतलब हो कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश की कुल 29 सीटों में से मात्र 2 पर ही विजय हासिल हुई थी।
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