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भारत

कांग्रेस की ऐतिहासिक पराजय

उपेन्द्र प्रसाद - 2014-05-17 17:47 UTC
लोकसभा का पिछला चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि इसमें कांग्रेस को अबतक की सबसे करारी हार मिली है। इसके मात्र 45 सांसद लोकसभा में जीतकर आए हैं। इसके पहले 1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे कम सीटें मिली थीं। उस समय भी कांग्रेस का नेतृत्व सोनिया गांधी ही कर रही थीं। तब उसे मात्र 112 लोकसभा सीटें मिली थीं। 1998 में सीताराम केसरी के नेतृत्व में हुई 140 सीटो पर जीत से वह बहुत कम थी। गौरतलब हो कि 140 सीटों पर हुई जीत को नाकाफी मानते हुए कांग्रेसियों ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में सीताराम केसरी को अपमानित कर हटा दिया था।

केरल कांग्रेस (मणि) ने दी कांग्रेस को चेतावनी

भाजपा 16 मई के बाद नहीं रहेगी अछूत
पी श्रीकुमारन - 2014-05-16 10:23 UTC
तिरुअनंतपुरमः आने वाली घटनाओं की छाया पहले ही दिखाई पड़ने लगती है, ऐसा कई लोग कहते हैं। केरल में कुछ ऐसा ही होता दिखाई पड़ रहा है। केरल कांग्रेस (मणि) ने कुछ इसी तरह के संकेत दिए हें। उसने यूडीएफ का नेतृत्व कर रही कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह राजनैतिक छुआछूत में विश्वास नहीं करती।
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लोकसभा चुनाव नतीजे के बाद हो सकता है भारी बदलाव

मुलायम सिंह खुद बन सकते हैं मुख्यमंत्री
प्रदीप कपूर - 2014-05-16 01:34 UTC
लखनऊः लोकसभा चुनाव के नतीजे उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा को बदल सकते हैं। इसका असर तो पूरे प्रदेश के राजनैतिक समीकरण पर पड़ेगा, लेकिन इसका प्रभाव अखिलेश सरकार के अस्तित्व पर भी पड़ सकता है। समाजवादी पार्टी की सरकार को तो कोई खतरा नहीं है, लेकिन अखिलेश यादव मुख्यमंत्री का पद खो सकते हैं और उनकी जगह खुद मुलायम सिंह यादव सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं।
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दिल्ली प्रदेश सरकार के गठन को लेकर अटकलबाजियों का दौर

क्या केजरीवाल फिर से बनेंगे मुख्यमंत्री?
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-05-14 10:22 UTC
नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद दिल्ली में केन्द्र की सरकार तो बननी है ही, केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली के सरकार गठन का मामला भी लटका हुआ है। केजरीवाल की सरकार के इस्तीफे के बाद कायदे से विधानसभा को भंग कर दिया जाना चाहिए था, क्योंकि कोई वैकल्पिक सरकार बन नहीं पा रही थी, पर उपराज्यपाल ने विघानसभा को निलंबित कर रखा है। विधानसभा को निलंबित रखा जाय या भंग कर दिया जाय, यह एक राजनैतिक निर्णय है और यदि यह भंग नहीं हो पाई है, तो इसके पीछे केन्द्र की यूपीए सरकार की भी कोई समझ है।
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भाजपा को 200 से ज्यादा सीटें मिलने की संभावना

कांग्रेस की कीमत पर बढ़ेगी भाजपा की सीटें
अशोक बी शर्मा - 2014-05-12 11:40 UTC
12 मई को अंतिम चरण के मतदान के बाद सबकी नजरें 16 मई पर गड़ गई हैं। उस दिन चुनावी नतीजे आने वाले हैं। नतीजें क्या आएंगे, यह पहले से ही बहुत साफ दिखाई दे रहा है। अनेक मत सर्वेक्षणों के नतीजे हैं कि कांग्रेस और यूपीए की स्थिति बहुत ही खराब है। लोग बदलाव चाहते हैं। अब सिर्फ नम्बरों को लेकर ही अटकलें लगाई जा रही हैं।
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राजनीति अपने सबसे नीचले स्तर पर

उपेन्द्र प्रसाद - 2014-05-10 16:14 UTC
मतदान के अंतिम दौर में जाति का वह भी खासकर मोदी की जाति का जो सवाल खड़ा हुआ है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नरेन्द्र मोदी की जाति ओबीसी श्रेणी में आती है, यह देश के अनेक राजनीतिज्ञों को पहले से ही पता था। जाति हमारे राजनैतिक सोच का एक बड़ा हिस्सा है, इसलिए राजनेता भी एक दूसरे की जाति सूंघने की कोशिश करते रहते हैं। इसलिए उन लोगों से नरेन्द्र मोदी की जाति छिपी हुई नहीं थी। पर मोदी की एक खासियत यह है कि उन्होंने इस लोकसभा चुनाव से पहले जाति की राजनीति कभी नहीं की। कहते हैं कि जब भाजपा नेताओं ने राजनीति के तहत मोदी की जाति का कार्ड खेलने का प्रस्ताव रखा था, तो उन्होंने इसका विरोध किया था। उनके समर्थकों में अगड़ी जातियों के लोगों की संख्या भी बहुत अच्छी है और वे नहीं चाहते थे कि पिछड़ा कार्ड खेलकर वे अगड़ी जातियों में अपनी स्वीकार्यता को कम करें। उनकी शिकायत थी कि उनको राजनैतिक रूप से कमजोर करने के लिए गुजरात में कांग्रेस ने उनकी पिछड़ी जाति के होने का कार्ड खेला था।
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दो लोकसभा क्षेत्रों पर सबकी नजर

अनुचित तुलना के कारण मूल विषय नजरअंदाज
कल्याणी शंकर - 2014-05-09 10:05 UTC
उत्तर प्रदेश के दो लोकसभा क्षेत्रों पर मीडिया की निगाह सबसे ज्यादा है। सच कहा जाय तो इन दोनों पर निगाहें जरूरत से ज्यादा है। ये क्षेत्र हैं अमेठी और बनारस। उन दोनों क्षेत्रों में प्रधानमंत्री पद के दो दावेदार चुनाव लड़ रहे हैं। बनारस से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं, तो अमेठी से कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के दावेदार राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे हैं। नरेन्द्र मोदी को तो भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने तो बतौर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश कर रखा है, जबकि कांग्रेस को ऐसा करने की जरूरत ही नहीं पड़ी है, क्योंकि राहुल गांधी उसके सहज अघोषित प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा भी है कि यदि चुनाव होने के बाद सांसद उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहेंगे, तो उन्हें यह चुनौती स्वीकार होगी।
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केरल कांग्रेस में एक और संकट

बार लाइसेंस पर नेताओं में ठनी
पी श्रीकुमारन - 2014-05-08 15:48 UTC
तिरुअनंतपुरमः लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में अब 10 से भी कम दिन रह गए हैं और इधर केरल प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर से घमासान शुरू हो गया है। एक ऐसा विवाद शुरू हो गया है, जिसमें केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष वी एम सुधीरन और केरल के मुख्यमंत्री वुमन चांडी परस्पर विरोधी विचार व्यक्त कर रहे हैं।
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तीसरे मोर्चे की सरकार क्या संभव है?

ममता, वाम मोर्चा और आम आदमी पार्टी को साथ आना होगा
नित्य चक्रवर्ती - 2014-05-07 17:16 UTC
नई दिल्लीः पिछले सप्ताह शनिवार को सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात ने घोषणा की कि उनकी पार्टी नरेन्द्र मोदी को सत्ता से बाहर रखने के लिए किसी भी गठबंधन का समर्थन करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को उस धर्मनिरपेक्ष विकल्प का हिस्सा होना चाहिए। आखिरकार सीपीएम ने वाममोर्चा की स्थिति स्पष्ट कर ही दी, लेकिन यह बहुत विलंब से किया गया, क्योंकि देश की अधिकांश सीटों पर मतदान हो चुके हैं। इसके बावजूद इस बयान का महत्व है, क्योंकि 16 मई को नतीजे आने के बाद यह मोदी विरोधी तालमेल का प्रस्थान बिन्दु हो सकता है।
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अंतिम दौर में पहुंचा लोकसभा चुनाव

जोड़तोड़ की चर्चा शुरू
एस सेतुरमन - 2014-05-06 11:57 UTC
लोकसभा चुनाव की लंबी प्रक्रिया जल्द ही समाप्त हो जाएगी। अंतिम चरण का मतदान 12 अप्रैल को होगा। इस बीच नतीजों के बाद की स्थिति के बारे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है। एक सवाल यह खड़ा किया जा रहा है कि यदि लोकसभा त्रिशंकु रही, तो फिर क्या होगा?
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