Skip to main content

View Articles

परिवारवाद की गिरफ्त में उत्तर प्रदेश भाजपा

पुराने दिग्गज को कर दिया गया उपेक्षित
प्रदीप कपूर - 2013-03-02 19:00 UTC
लखनऊः जब लोकसभा के चुनाव बहुत नजदीक दिख रहे हैं, वैसे समय में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष एलके वाजपेयी द्वारा गठित की गई प्रदेश कार्यकारिणी की नई टीम ने पार्टी के लिए मुसीबतें खड़ा कर दी हैं।

काले धन के खिलाफ अभियान की उपेक्षा

व्यापार और उद्योग के लिए बजट में कुछ भी नहीं
नन्तू बनर्जी - 2013-03-01 14:12 UTC
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने वादे को निभाया। उन्होंने चुनावी बजट पेश नहीं किया और कुछ लेने व कुछ देने की प्रवृति से बजट को मुक्त रखा। ऐसा करके उन्होंने समाज के सभी तबकों को नाखुश कर दिया। आम आदमी भी इस बजट से नाखुश है तो देश के सबसे अमीर तबके के लोग भी इससे खुश नहीं हैं। सच तो यह है कि जिस राजकोषीय रस्सी पर वह चल रहे थे, उसके ऊपर चलते हुए वे कोई जोखिम नहीं उठा सकते थे। चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की बदहाली ने उनके काम को और भी कठिन कर दिया था।

एक सहमा हुआ बजट

कोई जोखिम नहीं लेना चाहते चिदंबरम
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-28 10:47 UTC
केन्द्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने इस साल पेश किए गए बजट में देश के किसी तबके को न तो खुशी मनाने का मौका दिया है और न ही गम करने का। बजट निर्माण के समय वे अमीरो पर ज्यादा टैक्स लगाने की बात जरूर रहे थे और तब लग रहा था कि शायद चुनावी बजट होने के कारण वे आम लोगों की बाहबाही लूटने के लिए कुछ खास योजनाएं लेकर आएंगे और उन्हें कुछ खास रियायतें भी देंगे और उसके लिए कोष उपलब्ध करने के अमीरों पर टैक्स का भार बढ़ा देंगे, पर उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया।

एक निस्तेज रेल बजट

चुनावी दबाव में बंसल के बंधे हाथ
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-26 11:07 UTC
पवन कुमार बंसल द्वारा पेश किया गया रेल बजट यदि निस्तेज दिखाई पड़ रहा है, तो इसका एक कारण भारतीय रेल की अपनी अंदरूनी दुर्दशा है और दूसरा कारण आने वाले महीनों और साल में होने वाले विधानसभा और लोकसभा के चुनाव। श्री बंसल के पास देश के लोगों यानी रेल यात्रियों के पास देने के लिए कुछ भी नहीं था, क्योंकि रेल की माली हालत खराब है और यह घाटे में चल रही है। खुद रेल मंत्री का अनुमान है कि 13वीं पंचवर्षीय योजना में रेल का आपरेटिंग घाटा 25 हजार 6 सौ करोड़ होगा।

आंतकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई में देरी न करे सरकार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र को दिए कर्इ सुझाव
एस एन वर्मा - 2013-02-22 13:05 UTC
नर्इ दिल्ली। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा में बसपा नेत्री मायावती ने आज हैदराबाद बम विस्फोट कांड पर बोलते हुए केंद्र सरकार को कर्इ नसीहतें दी। केंद्र सरकार को चेताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवार्इ करने में वह देर न करे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को दलगत राजनीति से उपर उठकर आंतकी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए। खुफिया तंत्रों की सूचनाओं के आदान प्रदान पर बोलते हुए मायावती ने केंद्र सरकार को राज्यों से ज्यादा जिम्मेवारी उठाने का सुझाव दिया।

भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जेपीसी की बात

सरकार की चालाकी भरी चाल
नंतू बनर्जी - 2013-02-22 13:04 UTC
कांग्रेस के नेताओं को इस बात का श्रेय मिलना ही चाहिए कि एक अल्पसंख्यक सरकार चलाते हुए भी वे अपनी मनमानी कर ही लेते हैं और सरकार भी बचा लेते हैं। इस बार जब हेलिकाप्टर घोटाले का मामला सामने आया है, तो इसे भी वे बहुत ही चालाकी के साथ निपटाने में लग गए हैं। उनके शातिर दिमाग की ही उपज है कि वे इस घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति ( जेपीसी) के गठन की बात कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों को लुभाने वाला बजट

आगामी लोकसभा चुनाव पर अखिलेश की नजर
प्रदीप कपूर - 2013-02-21 11:50 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को चुनावी बजट बताया जा रहा है, जिसकी नजर होने वाले लोकसभा चुनाव पर है।

क्या 2008 के बजट को मात दे पाएंगे चिदंबरम?

बंधे हुए हैं वित्तमंत्री के हाथ
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-20 13:40 UTC
अगला बजट मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल का संभवतः अंतिम बजट होगा भले ही आगामी लोकसभा का आमचुनाव अपने तय समय पर 2014 में ही हो, क्योंकि यह लगभग एक परंपरा बन गई है कि यदि लोकसभा चुनाव किसी साल की पहली छमाही में हो, तो उस साल सरकार फरवरी महीने में पूर्ण बजट पेश ही नहीं करती है, बल्कि लेखानुदान पेश करके उसे पारित करवा लेती है, जिससे वित्तीय वर्ष के शुरुआती कुछ महीनों के सरकारी खर्चों का इंतजाम हो जाता है।

पंजाब की राजनीति पर दलबदल की छाया

मोगा उपचुनाव एक नया मोड़ साबित हो सकता है
बी के चम - 2013-02-19 13:26 UTC
चंडीगढ़ः 1966 में पंजाब के विभाजन के बाद हरियाणा के अस्तित्व में आते ही वहां दलबदल की राजनीति का दौर शुरू हो गया था। 1966 और 1968 के बीच हरियाणा के 81 विधायकों में से 44 ने दलबदल किए थे। उनमें से एक ने 5 बार, दो ने 4 बार, तीन ने तीन बार, चार ने दो बार और 34 ने एक बार दल बदले थे। उनमें से एक ने तो एक दिन में ही 3 बार दल बदल डाले थे। एक दिन में 3 बार दल बदलने वाले माननीय विधायक का नाम था- गया लाल। उनके नाम पर ही दलबदल की राजनीति के उस दौर को आया राम और गया राम की राजनीति का नाम दे दिया गया था।

उत्तर प्रदेश में राहुल के सामने चुनौतियों का पहाड़

पार्टी कार्यकर्ताओं में कोई उत्साह नहीं
प्रदीप कपूर - 2013-02-19 08:45 UTC
लखनऊः आगामी लोकसभा चुनाव के पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को फिर से जिंदा कर देना राहुल गांधी के लिए पहाड़ उठाने जैसा चुनौती भरा काम है।
Collapse/expand modules below