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कई प्रजातियां, एक ग्रह, एक भविष्य

अहमद नूर खान - 2010-06-04 11:16 UTC
विकास के प्रति अपने मौजूदा दृष्टिकोण से हमने मूल वनों को साफ करने, आद्र्र भूमि को नष्ट करने, मत्स्य भंडार के तीन चौथाई को निगलने तथा आगामी कई शताब्दियों तक इस ग्रह को गर्म रखने वाली गैसों का उत्सर्जन किया है।

थाईलैंड का संकट

किसी दृष्टि से अप्रत्याशित या आश्चर्य की घटना नहीं
अवधेश कुमार - 2010-05-24 10:25 UTC
दक्षिण पूर्व एशिया के देश थाईलैंड में अंततः सेना ने विद्रोहियों का दमन करने में तत्कालिक सफलता पा ली है। हालांकि सेना और व्रिदोहियों के बीच राजधानी बैंकॉक में कायम मोर्चेबंदी पर दुनिया अचरज में थी। ऑक्सफोर्ड शिक्षित एवं एलिट माने जाने वाले प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजिवा के लिए भी यह अप्रत्याशित था। उन्होंने अपने वक्तव्य में कह दिया कि यदि विद्रोह का अंत नहीं हुआ तो देश के अनेक भाग गृहयुद्ध के मुहाने पर पहुंच जाएंगे। धीरे-धीरे आपातकाल लागू किए गए राज्यों की संख्या बढ़ रही थी। 1933 से अब तक सैनिक विद्रोहों की कम से कम 18 वास्तविक या प्रयासों वाली परंपरा के देश में अभिसित को लोकतांत्रिक मूल्यांे का पालन करने वाले अनिर्वाचित नेता के रुप में देखा जाता था और सेना के प्रयोग के कारण उनकी आलोचना हो रही है।

थिम्पू सार्क शिखर सम्मेलन

सुरेश प्रकाश अवस्थी - 2010-05-08 08:21 UTC
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन-सार्क की रजत जयंती के अवसर पर भूटान की राजधानी थिम्पू में सम्पन्न 16वां शिखर सम्मेलन कई अर्थों में महत्त्वपूर्ण रहा। सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी आठ सदस्य देशों - भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान में इस बात की उत्कंठा दिखाई दे रही थी कि इस क्षेत्र को समूचे विश्व में एक जीवंत क्षेत्र बनाने के लिये एकजुट होकर कार्य करने की अतीव आवश्यकता है। सभी सदस्य देश क्षेत्रीय सहयोग को तीव्र गति देने को इच्छुक दिखायी दिये।

भारत ब्रिक को मजबूत देखना चाहता है

कृषि और ऊर्जा पर खास जोर
विशेष संवाददाता - 2010-04-16 08:36 UTC
नई दिल्लीः 16 अप्रैल को ब्रिक (ब्राजिल, रूस, इंडिया और चीन के समूह देश) का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन ब्रिक का दूसरा शिखर सम्मेलन है। पहला शिखर रूस में हुआ था। दूसरा सम्मेलन ब्राजिल में हो रहा है।

हांग कांग में तीन दिवसीय वॉइनएक्सपो 25 मई से

एस एन वर्मा - 2010-03-19 13:14 UTC
नई दिल्ली। दुनिया की अनूठी प्रदर्शनी वॉइनएक्सपो एशिया पैसेफिक 2010 का आयोजन हांग कांग कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में 25 मई से आरंभ हो रहा है जो 27 मई चलेगा।

कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख में बदलाव

भारत को भी अपना रवैया बदलना चाहिए
बी के चम - 2010-03-16 10:00 UTC
पिछले एक पखवारे में कश्मीर, आतंकवाद और भारत पाक संबंधों को लेकर कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिनकी भारत अनदेखी नहीं कर सकता। पहला बदलाव तो यह है कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान कुछ ज्यादा ही आक्रामक होता जा रहा है। दूसरा, आतंकवाद के मसले पर उसने दोहरा रवैया अपना रखा है। इन दोनो से भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संकेत देना शुरू कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते में सुधार के लिए कश्मीर समस्या का हल जरूरी है।

भारत ने पड़ोसी देशों में अफीम की खेती पर चिंता व्यक्त की

विशेष संवाददाता - 2010-03-13 06:22 UTC
नयी दिल्ली: भारत ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि विश्व के अफीम उत्पादन का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसके पड़ोस में उत्पादित हो रहा है । वियना में कमीशन ऑन नारकोटिक ड्रग्स (सीएनडी) के 53वें अधिवेशन में भाग लेते हुए वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के सचिव श्री सुनील मित्रा ने दावा किया कि मादक द्रव्यों की गुप्त प्रयोगशालाओं पर छापा मारने और इसके अवैध कारोबार को रोकने में महत्त्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

पुतिन की भारत यात्रा: सुरक्षा के बड़े समझौतों पर होंगे दस्तखत

विशेष संवाददाता - 2010-02-18 12:00 UTC
नई दिल्लीः रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमिर पुतिन की 12 और 12 मार्च को भारत की यात्रा हो रही है। राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की यह उनकी पहली यात्रा है। इसके दौरान रक्षा उद्योग से जुड़े कम से कम 3 समझौतों पर भारत के साथ वे हस्ताक्षर करेगे। जाहिर है उनकी यह यात्रा भारत रूस संबंधों के लिउ काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

भारत और डेनमार्क द्वारा सामाजिक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर

विशेष संवाददाता - 2010-02-17 20:18 UTC
नई दिल्ली: भारत और डेनमार्क ने आज यहां द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते (एसएसए) पर हस्ताक्षर किये। समझौते पर अप्रवासी भारतीय मामला मंत्रालय के सचिव डॉ0 ए.दीदार सिंह और डेनमार्क की रोजगार मंत्री सुश्री इंगर स्टोज़बर्ग ने हस्ताक्षर किये।

भारत पाकिस्तान वार्ता: किसी नतीजे की उम्मीद नहीं

अमूल्य गांगुली - 2010-02-17 12:40 UTC
भारत पाकिस्तान की वार्ता शुरू होने जा रही है और हमेशा की तरह इसके किसी नतीजे पर पहुंचने की कोई संभावना नहीं हैं। पहले होने वाली बातचीत में तो थोड़ी प्रगति होती भी दिखाई पड़ती थी और लगता था कि बातचीत में हम कुछ आगे बढ़े हैं, लेकिन इस बार उसकी भी कोई संभावना नहीं है। आम धारणा है कि भारत पाकिस्तान से यह बातचीत अमेरिकी दबाव में कर रहा है। पाकिस्तान के विदेशमंत्री महसूद शाह कुरेशी ने तो यहां तक कह दिया कि भारत को उसके साथ बातचीत करने के लिए बाध्य कर दिया गया है।
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