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हमेशा के लिए खराब हो चुकी है गडकरी की छवि

भारतीय जनता पार्टी ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार दी है
हरिहर स्वरूप - 2012-11-12 12:02 UTC
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को अंततः जाना ही होगा, भले वह देर से जाएं। पार्टी उन्हें अध्यक्ष पद का अपना कार्यकाल पूरा करने दे सकती है, लेकिन वह उन्हें दूसरा कार्यकाल देने से मना कर देगी। हालांकि जिस तरह से भाजपा और आरएसएस पर गडकरी को हटाने के लिए दबाव बन रहा है, उसके कारण गडकरी को पहले भी हटाया जा सकता है।

राजनीति की अकल्पनीय भावी तस्वीरें

गांधी मैदान और रामलीला मैदान की रैलियों की गूंज
अवधेश कुमार - 2012-11-11 09:54 UTC
बिहार की राजधानी पटना का गांधी मैदान और देश की राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान स्वातंत्र्योत्तर भारत की अनेक महत्वपूर्ण राजनैतिक रैलियों और उनके प्रभावों का गवाह रहा है। जयप्रकाश नारायण ने 1974 के आंदोलन की बागडोर यदि गांधी मैदान की सभा से संभाली तो इसे राष्ट्रव्यापी स्वरूप रामलीला मैदान की रैली से दिया। जनता पार्टी की विजय के बाद भी दोनों मैदानों में रैलियां हुईं। राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा देकर विद्रोह का बिगुल फूंकने वाले विश्वनाथ प्रताप सिंह की गांधी मैदान की रैली तथा उसके बाद रामलीला मैदान की सभा का संबंध भी सत्ता परिवर्तन से जुड़ा।
गडकरी पर गड़बड़झाला

आखिर संघ ने भाजपा अध्यक्ष को क्यों बचाया

उपेन्द्र प्रसाद - 2012-11-08 11:24 UTC
नितिन गडकरी राहत की सांस ले रहे होंगे कि पार्टी ने जांच के पहले ही उन्हें ’’क्लीन चिट’’ दे दी और वे अपने पद पर अभी भी बने हुए हैं, लेकिन इससे भाजपा को निश्चय ही भारी नुकसान हुआ है। जब एनडीए की सरकार थी, तो भाजपा के अध्यक्ष पर एक लाख रूपये रक्षा सौदे के एक नकली दलाल से लेने के कारण एक दिन के अंदर ही उन्हें पद से हटा दिया गया था। गडकरी पर जो आरोप लग रहे हैं, वह एक लाख रूपये की तथाकथित रिश्वत से भी ज्यादा भयानक है। उनपर लग रहे आरोपों का समय भी बेहद संवेदनशील है, क्योंकि आज देश भी के लोग भ्रष्टाचार के मसले पर आंदोलित हो रहे हैं और आज यह देश की राजनीति के सामने सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

कांग्रेस ने शुरु कर दी 2014 के लोकसभा चुनाव की तैयारी

निर्मल खत्री का मानना है कि राहुल की कोशिशें रंग लाएंगी
प्रदीप कपूर - 2012-11-07 12:19 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में चारों खाने चित्त होने के बाद अब कांग्रेस देश की सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले इस प्रदेश में लोकसभा के चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।

क्या पंजाब अपना खोया गौरव पा सकेगा?

राजनैतिक कठपुतली है पंजाब की नौकरशाही
बी के चम - 2012-11-05 12:49 UTC
चंडीगढ़ः क्या पंजाब अपना पुराना गौरव दुबारा पा सकेगा? ऐसा लगता तो नहीं है। खासकर निकट भविष्य में ऐसा होने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों के तहत पंजाब लगातार अपनी चमक खोता जा रहा है। पंजाब के शुभचिंतकों के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में राजैनैतिक, प्रशासनिक और वित्तीय मोर्चे पर राज्य का स्वास्थ्य लगातार नीचे गिरा है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली उत्पादन के बेहतर आसार

भारत और बांग्लादेश को संयुक्त परियोजनाओं से फायदा
आशीष बिश्वास - 2012-11-04 07:29 UTC
कोलकाताः दक्षिण त्रिपुरा के पलटाना बिजली प्रोजेक्ट की कमिशनिंग के साथ ही भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली की उपलब्धता के बेहतर आसार बन गए हैं। यह परियोजना तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास का नतीजा है।

मंत्रिमंडल विस्तार ने बहुतों को निराश किया

राहुल औपचारिक रूप से पार्टी के दूसरे बड़े नेता बनेंगे
कल्याणी शंकर - 2012-11-02 12:55 UTC
कांग्रेस का नेतृत्व अब अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपने आपको तैयार करने लग गया है। इसके लिए सरकार के स्तर पर ही नहीं, बल्कि संगठन के स्तर पर भी वह बदलावों में जुट गई है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अभी हाल ही में अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार किया। इसको लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अनेक लोग कहते हैं कि इस विस्तार में नया कुछ भी नहीं था। नई बोतल में पुरानी शराब की कहावत को लोग इस विस्तार के बाद याद कर रहे हैं, हालंाकि इसमें युवाओं की भूमिका कुछ बढ़ा दी गई हैं और राहुल ब्रिगेड को भी अहमियत दी गई है।

मीडिया पर भ्रष्टाचार का हमला

चैथे खंभे की विश्वसनीयता मिटाने की कोशिश
नंतु बनर्जी - 2012-11-01 11:44 UTC
भारत में मीडिया पर आज जिस तरह के हमले हो रहे हैं, वैसे पहले कभी नहीं हुए थे। 1970 के दशक में आपातकाल के दौरान मीडिया पर सरकार की ओर से अनेक बंदिशें लगा दी गई थीं। अखबारों और पत्रिकाओं में सरकार और सत्तारूड़ कांग्रेस के खिलाफ किसी तरह की खबरें छापना माना था। वह अलग दौर था। उस समय सरकार ने घोषित रूप से वह प्रतिबंध लगा रखा था। पर आज हमला अलग किस्म का है। अब सत्ता में बैठे और अन्य ताकतवर लोग मीडिया पर हमला कर रहे हैं। मीडिया के खिलाफ वे स्टिंग आपरेशन भी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में बिगड़ता सांप्रदायिक माहौल

पुलिस को खुली छूट मिलनी चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2012-10-31 11:52 UTC
देश की सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश का सांप्रदायिक माहौल जिस पैमाने पर खराब हो रहा है, उससे पूरे देश को चिंतित होना चाहिए। 1980 और 1990 के दशक में पूरा देश भयंकर सांप्रदायिकता की आग में जल रहा था और उसका मुख्य कारण अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद का वह विवादास्पद स्थल था, जिसे हिंदू राम का जन्म स्थल मानते है। वह अयोध्या उत्तर प्रदेश में ही है। जाहिर है, सांप्रदायिकता को जो भेडि़या 10 साल तक पूरे भारत को सताता रहा, वह उत्तर प्रदेश से ही निकला था।

तिरूवनंतपुरम में विश्‍व मलयाली महोत्‍सव

विशेष संवाददाता - 2012-10-30 13:23 UTC
राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज केरल की राजधानी तिरूवनंतपुरम में विश्‍व मलयालम महोत्‍सव का उद्घाटन किया। राष्‍ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद केरल की पहली यात्रा पर आए श्री मुखर्जी ने कहा कि भारतीय संस्‍कृति का कैनवस बहुत ही व्‍यापक और बहुरंगी अनूठेपन से युक्‍त है। यह कई घटक समुदायों की विरासत और सांस्‍कृतिक परंपराओं से समृद्ध होता आया है। भारत के ‘अनेकता में एकता’ के दर्शन ने सदैव टिकाऊपन और तरक्‍की के लिए जरूरी वातावरण उपलब्‍ध कराया है। खुशहाल सहअस्तित्‍व के साथ मलयालम, मलयाली जनता के समृद्ध इतिहास, संस्‍कृति कला और विरासत का सार और मूर्तरूप है।
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