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भारत

लापरवाही से निपटने के लिए कड़े कानून समय की जरूरत

एम. वाई. सिद्दीकी - 2009-12-27 12:43 UTC
अक्टूबर में इंडियन ऑयल डिपो में लगी भयंकर आग जैसी विभीषिका से भविष्य में निपटने के लिए कारगर कानून बनाने ही पड़ेंगे। जयपुर के बाहरी भाग में स्थित उक्त आइओसी के डिपो में लगी लाग ने करोड़ों की सरकारी संपत्ति स्वाहा होने के बावजूद इसके लिए दोषियों अधिकारियों व कर्मचारियों को कठोर दंड नहीं मिलना इस तरह की दुर्घटना को, चाहे वह जानबूझकर हो या संयोगवश रोकना मुश्किल होगा। इस तरह की दुर्घटनाओं के कारण भारी पैमाने पर जानमाल और सरकारी धन का नुकसान होता है। समय की मांग यह है कि इस तरह के कर्मचारियों जिनमें काहिली पनपने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, पर लगाम लग सकती है।
भारत: राजनीति

कांग्रेस के फिर से निर्माण का मामला

क्या सफल हो पाएंगे राहुल?
कल्याणी शंकर - 2009-12-26 11:16 UTC
याहू इंडिया ने राहुल गांधी को भारत का 2009 का सबसे बड़ा न्यूजमेकर बताया है। यह राहुल गांधी से जुड़ी खबरों को क्लिक किए जाने वाले आंकड़ों के आधार पर बताया गया हैं। आईबीएन- सीएनएन ने अपने दर्शकों की पसंद के आधार पर राहुल गांधी को 2009 का वर्ष का राजनीतिज्ञ बताया है। इंडिया टीवी की भी यही राय है।
भारत

झारखंड में एनडीए का कोई भी चुनावी मुद्दा नहीं चल पाया

स्थाई सरकार का कसक लिए जिएगी राज्य की जनता
एस एन वर्मा - 2009-12-24 16:18 UTC
नई दिल्ली। नक्सल प्रभावी राज्य झारखंड के विधानसभा के चुनाव परिणाम चैंकाने वाले साबित हुए हैं। बीजेपी को जिस तरह इस चुनाव में मुंह खानी पड़ी है, उससे सभी हतप्रभ है।चुनाव परिणाम कांग्रेस को उत्साहित कर दिया है।जनता दल यू पर तो यह बज्रपात जैसा है। राष्ट्रीय पार्टियों के लिए चिंता की बात यह है कि झारखंड की जनता ने क्षेत्रीय पार्टियों को ज्यादा तजब्बों दिया है। बाबू लाल मरांडी और शिबू सोरेन को पुनर्जीवन मिला है। लेकिन झारखंड राज्य जिस चैराहे पर चुनाव के पहले खड़ा था, आज वहीं खड़ा है।
भारत: झारखंड के चुनाव परिणाम

राष्ट्रीय पार्टियों को मतदाताओं ने ठुकरा दिया

उपेन्द्र प्रसाद - 2009-12-24 13:27 UTC
झारखंड विधानसभा के चुनाव नतीजे यदि भारतीय जनता पार्टी के एक बड़ा सदमा है, तो इसने कांग्रेस को भी निराश ही किया है। यदि कोई इस चुनाव के बाद अपनी पीठ थपथपा सकता है तो वे या तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन हैं और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी।
भारत: भाजपा की राजनीति

अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए गडकरी के पास कोई नुस्खा नहीं

एस एन वर्मा - 2009-12-24 13:19 UTC
नई दिल्ली। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आज अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कोई नयी बात नहीं कही है। उन्होंने साफ कहा है कि वह पार्टी के मूल विचारधारा और आदर्श से अलग हट कर कुछ नहीं करेंगे। पार्टी हिंदुत्व की जिस लाइन पर चल रही है, उसमें उन्हें कुछ नया नहीं जोड़ना है बल्कि अभी तक जो नीतियां बनी हैं उसे मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बीजेपी मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति का विरोध करती करेगी।
भारत: ऱाष्टीय फिल्म पुरस्कार

श्याम बेनेगल विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष चुने गये

सिफारिशें 15 मार्च तक, फिल्म अकादमी बनाने का सुझाव भी
ज्ञान पाठक - 2009-12-23 11:55 UTC
नई दिल्ली: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के उन्नयन से संबद्ध विशेषज्ञ समिति की आज यहां हुई बैठक में सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल को अध्यक्ष चुना गया और समिति ने 15 मार्च तक अपने सुझाव देने का वायदा किया ताकि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का स्तर बढ़ाया जा सके।
भारत: मध्य प्रदेश

नगर निकायों के चुनाव में भाजपा की बढ़त बरकरार

एल एस हरदेनिया - 2009-12-23 11:20 UTC
भोपालः नगर निकायों के लिए हुए चुनावों में जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के ऊपर अपनी बढ़त बरकरार रखी है। इन चुनावों में कांग्रेस की हालत और भी खराब हो गई है, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने जहां तहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इन चुनावों की एक खासियत एक हिजड़े का मेयर बन जाना भी है।
भारत: राजनीति

हरियाणा के उपचुनाव और मंत्रिमंडल का विस्तार

इन चुनौतियों पर खरा उतरना है मुख्यमंत्री को
बी के चम - 2009-12-22 12:06 UTC
चंडीगढ़ः हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपीन्दर सिंह हुड्डा के सामने दो ऐसी राजनैकतिक चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं, जिनपर खरा उतरना उनके लिए आवश्यक है, अन्यथा उक नेता के रूप में उनकी छवि प्रभावित हो सकती है। पहली चुनौती इलेनाबाद विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को विजयी बनाना है, तो दूसरी चुनौती मंत्रिमंडल के विस्तार की है।
भारत: राजनीति

बीजेपी में मुंडे का कद बढ़ा

एस एन वर्मा - 2009-12-21 03:14 UTC
नई दिल्ली। संगठन के पुनरोत्थान के लिए आतुर बीजेपी ने पश्चिम भारत के नेताओं पर भरोसा जतायी है। जबकि यह सत्य है कि बीजेपी का उदय पुरब से ही हुआ था और जब जब उस पर संकट के बादल छाए हैं उसमे दम भरने के लिए पूर्वी भारत ने ही उसे मुद्दा पकड़ाया है।
भारत: राजनीति

नीतीन गडकरी के नेतृत्व में भाजपा

क्या पुरानी ऊंचाई फिर से प्राप्त हो पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2009-12-21 03:14 UTC
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को अपनी पसंद का भाजपा अध्यक्ष बनाने में सफलता मिल ही गई। लालकृष्ण आडवाणी को भी न चाहते हुए भी लोकसभा के भाजपा के नेता पद से इस्तीफा देना ही पड़ा। हालांकि कुछ लोग चाहते थे कि आडवाणी को राजनीति से ही संन्यास ले लेना चाहिए, लेकिन वैसा नहीं हुआ और संसदीय दल के अध्यक्ष का एक नया पद बनाकर उस पर आडवाणी को बैठा दिया गया।
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