अमर्ष
अमर्ष एक संचारी भाव है। जब कोई विद्या, ऐश्वर्य, बल आदि से सम्पन्न व्यक्ति किसी पर गलत आक्षेप लगाता है और अपमानित करता है तो अपमानित होने वाले व्यक्ति में जो भाव उत्पन्न होता है उसे अमर्ष कहा जाता है।ये जो भाव उत्पन्न होते हैं उनके आधार पर कुछ विद्वानों ने कहा कि अमर्ष तिरस्कार या अपमान न सहना है जबकि अन्य ने प्रतीकार करने की इच्छा को ही अमर्ष कहा।
कई विद्वान कहते हैं कि इस तरह तिरस्कृत या अपमानित होने वाले व्यक्ति का क्रोध और फिर प्रतीकार की इच्छा दोनों ही अमर्ष है।