अवतार
उच्च स्थान से निम्न स्थान पर उतरने को अवतरण कहा जाता है और इस तरह अवतरित होने वाले को अवतार कहा जाता है। जैसे भगवान विष्णु के बैकुण्ठधाम से भू-लोक में श्रीकृष्ण के रुप में अवतरित होना। यही कारण है कि श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार कहा जाता है।हिन्दू मतावलम्बियों में सगुण उपासकों में अवतारवाद की विशेष मान्यता है परन्तु निर्गुण उपासक इनके माध्यम से भी उसी एक ब्रह्म की बात करते हैं जो स्वयं ही अस्तित्व में है, तथा उसके कारण ही यह जगत् भी अस्तित्व में है।