आड़ा चारताल
आड़ा चारताल भारतीय संगीत का एक प्रमुख ताल है। इनमें कुल मिलाकर चौदह मात्राएं होती हैं। इन मात्राओं को दो-दो कर सात भागों में रखा जाता है। एक लोकोक्ति है जिसमें इसकी ताली और खाली के बारे में यह भी कहा गया - तीन-चार खाली-भरी, है आड़ा चौताल। अर्थात् तीन खाली होती है तथा चार ताली।उदाहरण -
धिं तिरकिट | धी ना | तू ना | क त्ता | तिरकिट धी | ना धी | धी ना |
X | 2 | 0 | 3 | 0 | 4 | 0 |
X चिह्न से ताल का उद्भव (प्रारम्भ) होता है जिसे सम या सम ताल भी कहते हैं।