Loading...
 
Skip to main content
(Cached)

आलम्बन विभाव

आलम्बन विभाव साहित्य में विभाव का एक भेद है।

जिस व्यक्ति या वस्तु के कारण किसी व्यक्ति में कोई भाव उत्पन्न होता है उस कारणभूत वस्तु या व्यक्ति को उस भाव का आलम्बन विभाव कहा जाता है।

काव्य रचना और काव्यास्वाद के लिए इसे अनिवार्य माना गया है। इसिलए जहां आलम्बन विभाव स्पष्ट नहीं होता वहां प्रसंग के अनुसार इसे आरोपित कर लिया जाता है।

Page last modified on Thursday July 17, 2014 17:08:54 GMT-0000