कलहांतरिता
कलहांतरिता नायिकाओं का एक भेद है। इसे ही भरत ने अभिसन्धिता कहा है। ये नायिकाएं कलह के कारण अपने नायक या पति से अलग हुई होती हैं। भानुदत्त ने कहा कि ऐसी नायिकाएं पहले तो पति का अपमान करती हैं और बाद में पश्चाताप करती हैं।नायिका के इस रूप में उसकी विह्वलता, मनोव्यथा, ग्लानि आदि भाव होते हैं।