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जनवरी 1950 में श्री लंका (तब सीलोन था) की राजधानी कोलंबो में राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में कोलंबो योजना की शुरूआत का विचार उत्पन्न हुआ । इस बैठक में मंत्रियों ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया की आवश्यकताओं और उन्हें पूरा करने की रणनीतियों पर अपना ध्यान केन्द्रित किया । बैठक के अंत में इस क्षेत्र में आर्थिक विकास को आगे बढा़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया ।

कोलंबो योजना का उद्देश्य दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में सहकारी आर्थिक विकास सुनिश्चित करना । फिर इसका लक्ष्य साथ-साथ योजना समृद्धि घोषित करता है कि कोलंबों योजना इस क्षेत्र के देशों में स्व-सहयोग और पारस्परिक मदद के माध्यम से लोगों की भलाई के लिए देशों का एक सामूहिक प्रयास है ।

इन वर्षों में कोलंबो योजना सात राष्ट्रमंडल देशों - आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, श्री लंका, भारत, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के समूह से बढक़र गैर-राष्ट्रमंडल देशों समेत 26 देशों का अंतरराष्ट्रीय संगठन बन गया है ।

वर्तमान सदस्य राष्ट्र हैं - अफगानिस्तान, आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्रूनेई, फिजी, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कोरिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, पपुआ न्यू गुयाना, फिलीपीन, सिगापुर, श्री लंका, थाईलैंड, अमरीका और वियतनाम

Page last modified on Tuesday February 9, 2010 19:23:11 GMT-0000