गाथा
गाथा वह लोकगीत है जिसमें गीत के माध्यम से कोई कथा कही जाती है। संस्कृत तथा प्राकृत में गाथा नामक एक छन्द भी मिलता है।गाथा का प्राचीन इतिहास है। ऋग्वेद (ई. पू. 18 शताब्दी से पहले) में भी यह शब्द आया है जिससे इस बात का प्रमाण मिलता है कि यज्ञों के समय गाथा गाने की प्रथा उस समय भी प्रचलित थी। गाथा गाने वालों को ऋग्वेद में गाथिन कहा गया है।
भगवान बुद्ध के काल (ई. पू छठी शताब्दी) में उनके द्वारा कही गयी जातक कथाओं में काव्य रूप में आयी रचनाओं को भी गाथा कहा गया है।
लोकगाथा की दस विशेषताएं गिनायी जाती हैं -
1. इसका रचयिता अज्ञात होता है तथा इसके गाने वाले देश-काल के अनुरूप इसमें परिवर्तन करते रहते हैं
2. इसका प्रामाणिक मूल पाठ कौन सा है यह अनिर्णित ही रहता है
3. यह आवृत्तिमूलक संगीत से युक्त होती है
4. इसमें स्थानीयता की छाप होती है
5. यह अलिखित या मौखिक होती है
6. इसमें उपदेशात्मक प्रवृत्ति नहीं होती
7. इसकी कथा में स्वाभाविक प्रवाह होता है
8. इसकी शैली सहजता और सरलता से युक्त होती है तथा अलंकृत नहीं होती
9. इसमें टेक वाले पदों की आवृति होती है
10. इसका कथानक लम्बा होता है