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गुण

गुण वह है जिसका स्वयं में अस्तित्व नहीं है बल्कि वह किसी द्रव्य पर आश्रित है।
गुण एक स्वतंत्र इकाई है तथा एक गुण किसी अन्य गुण को धारण नहीं करता। गुणों के संयोग तथा विभागों में यह कारण भी नहीं होता तथा अनपेक्ष रहता है, अर्थात् किसी दूसरे गुण की अपेक्षा नहीं करता है।
भारतीय चिंतन परम्परा में 24 गुण बताये गये हैं। ये 24 गुण निम्न प्रकार हैं – रूप, रस, गन्ध, स्पर्श, संख्या, परिमाण, पृथक्त्व, संयोग, विभाग, परत्व, अपरत्व, बुद्धि, सुख, दुःख, इच्छा, द्वेष, प्रयत्न, गुरुत्व, द्रवत्व, स्नेह, संस्कार, धर्म, अधर्म, तथा शब्द।
इन गुणों की प्रकृति के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों सत्व, रज तथा तम में विभक्त किया गया है।


Page last modified on Friday March 14, 2014 09:48:09 GMT-0000