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छंद

छंद एक प्रकार की पद्य रचना है जिसमें अक्षर, उनकी संख्य, क्रम, मात्रा, मात्रा-गणना एवं यति-गति आदि नियमों का पालन किया जाता है।

वेद के छह अंगों में एक छन्द ही है। इसका सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। इसकी व्युत्पत्ति छद् धातु से हुई है जिसका अर्थ होता है आवृत करना, रक्षित करना या प्रसन्न करना। निधण्टु ने तो प्रसन्न करने के अर्थ में छन्द धातु का प्रयोग किया है।

छन्द के दो प्रकार माने गये हैं - वैदिक तथा लौकिक। पिंगलाचार्य का छन्द-सूत्र और अग्निपुराण में यह दो भेद स्वीकार किये गये हैं। वेदों में प्रयुक्त छन्दों को वैदिक छन्द, तथा अन्य छन्दों को लौकिक छन्द कहा जाता है।


Page last modified on Tuesday February 21, 2017 04:47:48 GMT-0000