भाषाधारा
भाषाधारा हिन्दी के आदिकालीन साहित्य की दो शाखाओं में से एक है। दूसरी शाखा है अपभ्रंश धारा। चारण साहित्य तथा हिन्दी के आरम्भिक साहित्य को भाषाधारा की श्रेणी में रखा गया है, जबकि अपभ्रंश में उपलब्ध साहित्य को अपभ्रंश धारा में शामिल किया गया है।