भौतिकवाद
भौतिकवाद एक दर्शन है। इसकी तीन मान्यताएं हैं - पहला, बाह्य जगत एक स्वतंत्र सत्ता है। दूसरा, वह अचेतन भौतिक पदार्थों से बना है। तीसरा, मनुष्य की चेतना भौतिक द्रव्यों का ही परिणाम है।प्राचीन भौतिकवाद में संसार पदार्थ और ऊर्जा से बना है, जो अविच्छेद्य रुप से परस्पर जुड़े हुए हैं। परन्तु आधुनिक वैज्ञानिक अवधारणा में पदार्थ भी ऊर्जा से अलग नहीं है। अतः ऊर्जा ही सृष्टि का मूल कारण है। भौतिकवाद में भौतिक जगत ही महत्वपूर्ण है तथा चेतना या आत्मा का स्वतंत्र अस्तित्व नहीं माना जाता।
प्राचीन भारत का चार्वाक दर्शन एक भौतिकवादी दर्शन है।