नई समिति अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वनवासी (वन अधिकारों) की मान्यता अधिनियम 2006 के अधीन अधिकारों के निपटान के प्राथमिक महत्व के दो मामलों की ओर जांच करेगी। समिति की अध्यक्षता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ0 एन.सी. सक्सेना करेंगे और अन्य सदस्य हैं-- टाटा सामाजिक विज्ञान संस्था मुम्बई के निदेशक, डॉ0 एस. परशुरमन, डॉ0 प्रमोद कांत, आईएफएस (सेवानिवृत्त) और नई दिल्ली स्थित आर्थिक विकास संस्था में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ0 अमिता बविस्कर।
समिति अपने गठन की तारीख से 30 दिन के भीतर पर्यावरण और वन मंत्रालय के विशेष सचिव और वन महानिदेशक को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इससे पहले मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने जनवरी, 2010 और फरवरी, 2010 के महीनों में क्षेत्र विशेष के अपने दौरों के आधार पर अपनी रिपोर्ट पेश की थी। प्राथमिक महत्त्व के इन मामलों की ओर जांच करने की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसलिए यह समिति गठित की गई है।
कालाहांडी और रायगाडा लंजीगढ ब़ाक्साइट खानों में वन भूमि का अन्य कार्यों में उपयोग पर नई समिति
विशेष संवाददाता - 2010-06-30 13:28 UTC
नई दिल्ली : पर्यावरण और वन मंत्रालय ने एक चार सदस्यीय समिति तत्काल गठित की है जो वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के प्रावधानों के अधीन उड़ीसा खान निगम लि0 द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार कर अपनी सिफारिशें देगी । यह प्रस्ताव उड़ीसा के कालाहांडी और रायगाडा जिलों में लंजीगढ ब़ाक्साइट खानों में 660.749 हेक्टेयर वन भूमि के अन्य कार्यों में उपयोग के बारे में है।