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सूखे का गहराता संकट

पहले से तैयारी का तंत्र विकसित करना होगा
अनिल जैन - 2019-07-01 09:30 UTC
भीषण गरमी, मॉनसून में देरी और प्री मॉनसून बारिश की कमी ने इस साल देश में सूखे के संकट को गंभीर बना दिया है। आईआईटी, गांधीनगर के वैज्ञानिकों के मुताबिक देश का लगभग आधा हिस्सा सूखे से प्रभावित है और इसमें भी 16 फीसद इलाके तो भीषण सूखे की मार झेल रहे हैं। इस स्थिति की जानकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हासिल हुई है। आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर विमल मिश्र के मुताबिक देश में सूखे की स्थिति के अध्ययन के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम उनकी टीम द्वारा चलाया जाता है।

कांग्रेस में अब इस्तीफों का दौर

नाटक जारी है
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-29 09:57 UTC
कांग्रेस में अब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। यह नाटक का अगला अध्याय है। यह अध्याय राहुल गांधी की उस तलाड़ से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने तो इस्तीफा दे दिया, लेकिन और लोग अपने अपने पदों पर जमे हुए हैं। यह उन्होंने उस समय कहा जब युवा कांग्रेस के कार्यकत्र्ता उनके घर पर प्रदर्शन करते हुए उनसे अपना इस्तीफा वापस लेने की मांग कर रहे थे।

चिकित्सा शिक्षा नीति में कई झोल हैं

योग्य गरीब छात्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने चाहिए
डॉ अरुण मित्रा - 2019-06-28 11:16 UTC
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 का मसौदा सार्वजनिक हो चुका है। इसका मतलब यह है कि देश भर के लोग इस मसौदे पर अपने इनपुट दे सकते हैं, और उसके बाद संसद में बहस के बाद स्थायी समिति में इस पर चर्चा की होगी। चिकित्सा शिक्षा पर आम तौर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति दस्तावेज के साथ बहस की जाती है। लेकिन वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति दस्तावेज ने खंड संख्या 16.8 में इसे ‘हेल्थकेयर शिक्षा’ के रूप में स्थान दिया है।

बिहार में लालू युग का अंत

कौन भरेगा राजनैतिक शून्य?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-27 11:11 UTC
लोकसभा चुनाव के नतीजों ने बिहार में लालू युग का खात्मा कर दिया है। वैसे लालू यादव की राजनैतिक मौत 2014 के लोकसभा चुनाव में ही हो गई थी। मुकदमे में सजा पाने के बाद वे 2014 के लोकसभा चुनाव मेे खुद खड़े होने के योग्य नहीं रह गए थे। सोनिया गांधी ने एक अध्यादेश तैयार से उन्हें चुनाव लड़ने योग्य बनाने की कोशिश की थी, लेकिन राहुल गांधी ने उस कोशिश पर पानी फेर दिया था। उन्होंने उस अध्यादेश की काॅपी एक प्रेस कान्फ्रेंस में फाड़कर अपना खुला विरोध जाहिर किया था और मनमोहन सरकार को वह अध्यादेश वापस लेना पड़ा था।

मध्ययुगीन काल के मध्यकाल के कालखंडों में त्राहि-त्राहि मच गई

कमल नाथ-स्काइंडिया रिफ्ट वेडिंग
एल एस हरदेनिया - 2019-06-26 12:18 UTC
भोपलः यह एक तूफानी सप्ताह था जो 22 जून को समाप्त हो गया। उम्मीद की जा रही थी कि इस सप्ताह कैबिनेट फेरबदल होगा। लेकिन यह अफवाह साबित हुई। हालांकि सप्ताह के अंत तक फेरबदल का लोग इंतजार करते रहे। कैबिनेट परिवर्तन की रिपोर्टों ने मुख्यमंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच संभावित दरार का संकेत भी दिया।

समाजवादी पार्टी का अबतक के सबसे बड़े संकट से सामना

हार की समीक्षा के लिए अभी तक नहीं हुई है बैठक
प्रदीप कपूर - 2019-06-25 10:54 UTC
लखनऊः लोकसभा चुनाव के बाद बसपा नेता मायावती द्वारा डंप किए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी अब तक के अपने इतिहास का सबसे बड़ा संकट का सामना कर रही है। समाजवादी पार्टी को जोर का झटका लगा क्योंकि पार्टी लोकसभा चुनावों में लड़ी गई 37 में से केवल पांच सीटें ही हासिल कर सकी।

स्किल इंडिया ने अपनी आभा खो दी है

मोदी सरकार को इसे फिर से पटरी पर लाना होगा
ज्ञान पाठक - 2019-06-22 11:06 UTC
मोदी सरकार द्वारा पिछले तीन हफ्तों में की गई नई पहलों और कार्यों के बीच ‘स्किल इंडिया मिशन ’की स्पष्ट अनुपस्थिति यह स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि यह अब प्राथमिकता वाला क्षेत्र नहीं है। यहां तक कि राष्ट्रपति के संबोधन में भी इसका उल्लेख नहीं किया गया, हालांकि ‘कौशल’ शब्द का इस्तेमाल दो बार पासिंग कमेंट के रूप में किया गया। यह 2022 तक भारत को दुनिया की ’कौशल राजधानी’ बनाने के मोदी के उद्देश्य के लिए एक अशुभ संकेत है। 2017 में यह संकल्प पांच साल के भीतर न्यू इंडिया बनाने के हिस्से के रूप में लिया गया था।

सोनिया परिवार क्यों बोझ है कांग्रेस पर?

कांग्रेस को परिवार की छत्रछाया से बाहर आना ही होगा
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-21 09:55 UTC
कांग्रेस के लिए यह अच्छी खबर है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं। यह और भी अच्छी बात है कि वह यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके परिवार का कोई अन्य सदस्य भी इस पद पर नहीं बैठे। यह कांग्रेस के अंदर पनप रही चापलूसी संस्कृति के लिए बहुत बड़ा झटका है और चापलूसों और चमचांे को राहुल गांधी का यह फैसला निश्चय ही बहुत अखर रहा होगा। अब तो नये कांग्रेस अध्यक्ष के कुछ नाम भी सामने आने लगे हैं। कभी सुशील कुमार शिंदे का नाम आता है, तो कभी मनीष तिवारी का। एक बार तो खड़गे का नाम भी सामने आया। फिलहाल अशोक गहलौत के नाम को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूर्व हाॅकी खिलाड़ी कांग्रेस के नेता असलम शेर खान ने खुद अपना नाम प्रस्तावित करते हुए दो साल के लिए अध्यक्ष पद संभालने की इच्छा संभाली।

कमलनाथ ने मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को शामिल करने की पहल की

भाजपा की चुनौती का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री की योजना
एल एस हरदेनिया - 2019-06-20 11:25 UTC
भोपालः अपनी सरकार के छह महीने पूरे होने की पूर्व संध्या पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी सरकार को अस्थिर करने के भाजपा के मंसूबे को हराने के लिए एक अनूठा सूत्र सुझाया है। सोनिया गांधी को संबोधित एक पत्र में कमलनाथ ने उनसे अपने मंत्रिमंडल में छह रिक्तियों को संभव बनाने का अनुरोध किया है। ऐसा तब किया जा सकता है जब तीन गुट के नेता अपने दो प्रत्याशियों को स्वेच्छा से मंत्रालय छोड़ने के लिए कहें। तीन गुट के नेता खुद दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ हैं।

क्या 2022 तक हम न्यू इंडिया प्राप्त कर लेंगे?

लंबी लंबी बातों से सच्चाई छिप नहीं जाती
ज्ञान पाठक - 2019-06-19 17:52 UTC
मोदी ने भारत में ’अच्छे दिनों’ की शुरुआत के लिए 60 महीने का समय मांगा था। लोगों ने उन्हें 2014 में भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए वोट दिया। तीन साल बीत गए। अच्छे दिन नहीं आए। फिर वह 2022 तक पांच साल के भीतर एक न्यू इंडिया बनाने का विचार लेकर आए। 2017-22 की अवधि को बार-बार पंचवर्षीय योजना के रूप में उल्लेख किया गया था, और नई बनाई गई सरकारी थिंक टैंक, नीति आयोग को इस पर काम करने के लिए सक्रिय किया गया था। राजनीतिक रूप से इसने उनके लिए काम किया और उन्हें पांच साल के लिए और विस्तार मिला, हालांकि वादा किया गया ‘अच्छे दिन’ उनके शासन के 60 महीनों के अंत तक ‘बुरे दिन’ में बदल गए। 2019 के चुनाव अभियान के दौरान, उन्होंने भारत में 1942-47 के बीच की अवधि के साथ अगले पांच साल यानी 2019-24 की तुलना की।