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गरमी के कहर को किसने बनाया जानलेवा?

हमारी सरकारों और हमारे सामाजिक तंत्र का निष्ठुर रवैया जिम्मेदार
अनिल जैन - 2019-06-18 13:44 UTC
देरी से ही सही मगर मॉनसून केरल के तट पर दस्तक देता हुआ इस वर्ष की अपनी भारत-यात्रा पर निकल पडा है। चूंकि इस बार केरल में ही मॉनसून के आने में पूरे एक सप्ताह की देरी हुई है तो जाहिर है कि देश के बाकी हिस्सों में भी उसकी आमद में देरी होगी ही। मॉनसून के इंतजार में व्याकुल हो रहे देश के विभिन्न हिस्सों को इस समय भीषण गरमी ने बुरी तरह झुलसा रखा है। वैसे तो हर साल मई के महीने में गरमी पूरे शबाब पर होती है और जून आते-आते जब धूल भरी आंधी चलने लगती है तो गरमी का असर कुछ कम होने लगता है। मगर इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। आधा जून बीतने को है लेकिन गरमी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।

दक्षिणपंथ का उदय और वामपंथ का पतन

क्या कम्युनिस्ट 21वीं सदी के लिए अनफिट हैं?
अमूल्य गांगुली - 2019-06-17 12:53 UTC
यह एक संयोग नहीं हो सकता है कि दक्षिणपंथी भाजपा का उत्थान और केंद्रीय-वाम और वाम दलों का पतन साथ साथ रहा है।

मोदी के दूसरे कार्यकाल में मजदूर संगठनों के कठिन समय

मजदूरों के मसलों को मिलनी चाहिए उच्च प्राथमिकता
सुकुमार दामले - 2019-06-16 09:52 UTC
संयुक्त ट्रेड यूनियन मूवमेंट (बीएमएस को छोड़कर) ने मुख्य रूप से मोदी सरकार हटाने की मांग उनकी मजदूर विरोधी नीतियों के कारण किया था। उनकी वह वह हड़ताल अखिल भारतीय थी। 8 जनवरी को शुरू हुई थी और 9 जनवरी को दूसरे दिन भी जारी रही। उस हड़ताल को भारी सफलता मिली थी।

‘इन्दिरा और राजीव शहीद नहीं हैं’

आरएसएस का मुखपत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ का यही मानना है
एल. एस. हरदेनिया - 2019-06-16 09:48 UTC
भोपालः रााष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नजर में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को शहीद नहीं कहा जा सकता। उनकी हत्याएं सामान्य हत्याओं के अलावा और कुछ नहीं थीं। यह राय ‘ऑर्गेनाइजर’ में प्रकाशित एक लेख की है। यह एक पत्रिका है, जो आरएसएस के विचारों का प्रचार करती है। यह लेख पत्रिका के 2 जून के अंक में प्रकाशित हुआ है।

आंध्र में पांच उप मुख्यमंत्री, एक फूहड नजीर

अनिल जैन - 2019-06-13 10:37 UTC
किसी भी राज्य की सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया जाना कोई नई बात नहीं है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में अपने सूबे की राजनीतिक और सामाजिक समीकरण साधने या प्रशासनिक तकाजे के तहत अपने किसी वरिष्ठ मंत्री को उप मुख्यमंत्री मनोनीत करते रहे हैं। किसी-किसी प्रदेश में गुटीय या सामाजिक संतुलन साधने के मकसद से दो उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के भी कई उदाहरण हैं। लेकिन आंध्र प्रदेश में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने अपने मंत्रिमंडल के भीतर ही एक उप मुख्यमंत्री मंडल भी बना डाला है। अपनी 25 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में उन्होंने पांच उप मुख्यमंत्री बनाए हैं। ये पांच उप मुख्यमंत्री पांच अलग-अलग वर्गों- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक और कापू (किसान) समुदाय से बनाए गए हैं। आजाद भारत के राजनीतिक इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ।

मुस्लिम हितैषी की छवि बनाना चाहते हैं मोदी

भाजपा अब मुस्लिम समर्थन पाने की कोशिश करेगी
अरुण श्रीवास्तव - 2019-06-12 10:12 UTC
हालांकि नरेंद्र मोदी को अभी भी आरोपों से मुक्त होना और देश के दबे-कुचले लोगों से क्लीन चिट मिलना बाकी है, लेकिन उनके समर्थकों और सलाहकारों ने इमेज मेकओवर और रिलेशन बिल्डिंग की कवायद शुरू की है। यह कठिन अभ्यास कुछ टीवी चैनलों द्वारा किया गया है। वे मोदी और मुसलमानों के बीच पुल की भूमिका निभा रहे हैं। मोदी को मुस्लिम समुदाय में ले जाने की प्रक्रिया वास्तव में मोदी द्वारा 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद तेज हुई है।

कांग्रेस का नेतृत्व संकट

आखिर राहुल गांधी चाहते क्या हैं?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-11 12:08 UTC
राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मंशा जाहिर करने के दो सप्ताह होने को हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने न तो अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से दिया है और न ही वे अध्यक्ष पद के अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस में जहां तहां आपसी विवाद बढ़ रहे हैं और उन विवादों को शांत करने वाला कोई नहीं है। राहुल गांधी ने कांग्रेस के नेताओं से मिलना भी लगभग बंद ही कर दिया है। यानी कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका का पूरी तरह से त्याग कर रखा है।

मध्य प्रदेश में बिजली संकट पर राजनीति

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप
एल एस हरदेनिया - 2019-06-10 09:32 UTC
भोपालः बिजली की आपूर्ति में बार- बार रुकावट ने विपक्षी दलों को सरकार की गंभीर आलोचना का मौका दिया है। बार-बार बिना किसी पूर्व सूचना के पावर कट बड़े पैमाने पर हो रहा है। भाजपा के नेताओं ने सरकार पर हमला करते हुए कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह के दिन वापस आ गए हैं। यह याद किया जा सकता है कि 2003 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने मतदाताओं से कहा था कि बेहतर सड़कें प्राप्त करने और पानी और बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए दिग्विजय सिंह की सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए। उमा भारती द्वारा गढ़े गए स्लोगन से वांछित परिणाम मिले और कांग्रेस की सत्ता खो गई और उमा भारती मुख्यमंत्री बन गईं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक संभावना भरे प्रयोग का अंत

क्या कांशी-माया के आंदोलन की रूपरेखा आरएसएस ने तैयार की थी?
अनिल जैन - 2019-06-08 09:31 UTC
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का पांच महीने पुराना गठबंधन खत्म हो गया। इसके खात्मे का एकतरफा ऐलान बसपा सुप्रीमो मायावती ने किया। उनके इस फैसले से उत्तर भारत की राजनीति में दलित-पिछडा और किसान जातियों की एकता के एक संभावना भरे प्रयोग का ही नहीं बल्कि उस सपने का भी फिलहाल अंत हो गया जो कभी आंबेडकर और लोहिया ने देखा था।

अनिश्चित हो रहा है अंतरराष्ट्रीय माहौल

विदेश व्यापार की जटिल चुनौतियां
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-07 10:29 UTC
पिछले 23 मई को दो उल्लेखनीय घटनाएं घटी। उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक और कार्यकाल के लिए जनादेश मिला और उसी दिन अमेरिका ने भारत को दिया जा रहा जीएसपी (जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रीफेरेंस) समाप्त कर दिया। यह अमेरिका में भारत के होने वाले निर्यात के लिए एक बड़ा झटका था। जीएसपी की तहत अमेरिका व कुछ अन्य विकसित देश भारत जैसे विकासशील देशों को निर्यात संबंधी कुछ रियायतें देते हैं, ताकि वे अमीर देशों के बाजार में अपने उत्पाद बेच सकें। भारत इसका लाभार्थी रहा है, लेकिन मोदी सरकार के दूसरी बार शपथग्रहण करने के पहले ही अमेरिका ने भारतीय निर्यात को दी जा रही वह सुविधा समाप्त कर दी।