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200 वनडे में कप्तानी करने वाले पहले भारतीय बने धोनी

रिकाॅर्डों के बेताज बादशाह महेन्द्र सिंह धोनी
योगेश कुमार गोयल - 2018-09-28 12:32 UTC
भारतीय क्रिकेट जगत में एक नाम ऐसा है, जो किसी न किसी वजह से सदैव सुर्खियों में रहता है और वह नाम है महेन्द्र सिंह धोनी उर्फ माही, जिनके बारे में प्रायः कहा जाता है कि जब वो मैदान पर होते हैं तो रिकाॅर्ड बरसते हैं बल्कि बहुत से खेल प्रेमी तो यह भी मानते हैं कि अब तो धोनी का मैदान पर उतरना ही एक रिकाॅर्ड बन जाता है। गत दिनों एशिया कप के दौरान ऐसा ही एक और रिकाॅर्ड धोनी ने अपने नाम किया है। वह अब 200 वनडे मैचों में कप्तानी करने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं और सबसे अहम बात यह है कि धोनी की अगुवाई में खेले गए इन 200 वनडे मैचों में से भारत ने 110 में जीत हासिल की।

आधार पर सुप्रीम फैसला और उसके बाद

क्या बेनामी संपत्ति पर सर्जिकल स्ट्राइक कर पाएंगे नरेन्द्र मोदी
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-27 12:28 UTC
सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिकता पर अपना फैसला दे दिया है। न केवल इसने आधार को संवैधानिक माना है, बल्कि इस पर बने एक कानून की वैधता की भी पुष्टि कर दी है। उस कानून की वैधता की पुष्टि करते हुए उसने उस अनुच्छेद को हटा दिया है, जिसके तहत निजी कंपनियों को भी आधार डेटा उपलब्ध कराने का प्रावधान था। निजी कंपनियां किसी व्यक्ति को अपना आधार नंबर देने को बाध्य नहीं कर सकती, लेकिन सरकारी सेवाओं और कार्यक्रमों से आधार लिंकिंग पर कोई रोक नहीं लगी है।

मानसूनी बारिश का कहर

हर साल क्यों पैदा होते हैं बाढ़ जैसे हालात?
योगेश कुमार गोयल - 2018-09-26 12:34 UTC
मानसून ने जाते-जाते हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड इत्यादि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में जो कहर बरपाया है, वह बेहद अप्रत्याशित था लेकिन इस भीषण त्रासदी के बाद एक बार फिर वही सवाल खड़ा हो गया है कि पिछले कुछ समय से प्रकृति बार-बार किसी न किसी रूप में अपना रौद्र रूप दिखा रही है लेकिन बार-बार प्रकृति का खौफनाक रूप देखने के बावजूद हम सुधरना क्यों नहीं चाहते? क्यों हम प्रकृति को सहेजने के कोई सार्थक प्रयास नहीं करना चाहते? एक ओर जहां उत्तर भारत में लोग पूरे सितम्बर माह में बारिश के लिए तरसते रहे, वहीं सितम्बर माह के आखिरी कुछ दिनों में प्रकृति ने ऐसी बारिश की कि चहुं ओर आफत टूट पड़ी। हिमाचल में जहां तेज वर्षा, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के चलते 300 से भी ज्यादा स्थानों पर सड़कें बह गई, वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड में भी अनेक जगहों पर तबाही का भयानक मंजर देखने को मिला।

आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पूना पैक्ट का परिणाम

गांधी ने लगवाई थी आरक्षण पर राष्ट्रीय आंदोलन की मुहर
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-25 13:42 UTC
पिछले 24 सितंबर को पूना पैक्ट दिवस था। इसी तारीख को 1932 में मदन मोहन मालवीय और डाॅक्टर भीमराव आम्बेडकर के बीच एक समझौता हुआ था, जिसे भारतीय इतिहास में पूना पैक्ट भी कहा जाता है, क्योंकि यह पूना में हुआ था। उस समय महात्मा गांधी पूना के जेल में कैद थे और यह समझौता उन्होंने ही करवाया था। इस समझौते के कारण गोवर्नमेंट आॅफ इंडिया एक्ट में दलितों के लिए विधायिका में आरक्षण पर सहमति बनी थी।

पीएमओ सूचनाओं का जंगल है और वहां के नियम भी जंगली हैं

तेजी के चक्कर में काम की गुणवत्ता ही मारी जाती है
के रवीन्द्रन - 2018-09-24 11:36 UTC
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने पीएमओ को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें प्रमुख बैंकों के डिफॉल्टरों का विवरण दिया गया था, लेकिन लगता है कि इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट के संबंध में दो संभावित परिदृश्य हैं। रिपोर्ट के बारे में मोदी ने फैसला किया होगा कि सूची में ऐसे नाम शामिल हैं जो उन्हें बहुत शर्मिंदगी दे सकते हैं, तो उन्होंने उसे दबा दिया। दूसरा परिदृश्य यह हो सकता है कि रिपोर्ट उनकी मेज पर पहुंची ही नहीं।

क्यों चंद्रशेखर रावण से भयभीत हैं मायावती

उनकी शैली बीएसपी नेता से पूरी तरह अलग है
प्रदीप कपूर - 2018-09-22 11:06 UTC
लखनऊः बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण से डरती क्यों हैं? रावण को हाल ही में योगी सरकार ने रिहा किया है।

लाभ से जुड़े सरकारी अध्यादेश

क्या बदल पायेंगे परिवेश?
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-09-21 12:19 UTC
जैसे -जैसे देश में आम चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है, राजनीतिक सरगर्मिया तेज हो चली है। सत्ता पक्ष अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिये अपने तरीके से प्रयासरत है तो विपक्ष सत्ता तक पहुंचने की तैयारी में बेमेल संगम के बीच जनमानस को अपनी ओर आकर्षित करने में जी तोड़ प्रयास में सक्रिय नजर आ रहा है। इस समय राजनेताओं को देवी - देवताओं के दरवाजें भी नजर आने लगे है जहां वे माथा टेककर सत्ता तक पहुंचने का प्रयास कर रहे है। सत्ता तक पहुंचने के क्रम में आम जनमत को अपनी ओर आकर्षित करने की दिशा में नई - नई घोषणाओं के दौर के साथ अपने मतलब के लिये लाभ से जुड़े सरकारी अध्यादेश के बदलते तेवर भी देखे जा सकते है। इस दिशा में कहीं सुप्रीम कोर्ट की पहल सकरात्मक हो जाती है तो कहीे नकरात्मक नजर आने लगती है।

उत्तर प्रदेश की राजनैतिक हलचल

महागठबंधन की राह आसान नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-19 12:25 UTC
भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर करने के लिए जिस महागठबंधन पर भरोसा किया जा रहा है, उसका उत्तर प्रदेश में सफल होना बेहद जरूरी है। इसका कारण यह है कि उत्तर प्रदेश लोकसभा में 80 सांसद भेजता है और 2014 के चुनाव में इसने भाजपा के 71 और उसके सहयोगी अपना दल के 2 सांसदों को संसद में चुनकर भेजा था। उत्तर प्रदेश के इतिहास में भारतीय जनता पार्टी को उतनी बड़ी जीत पहले कभी मिली ही नहीं थी। जब वहां राम मंदिर आंदोलन के कारण सांप्रदायिक माहौल अत्यंत ही तनावपूर्ण था और प्रदेश की राजनीति पर कल्याण सिंह की तूती बोलती थी, तब भी संयुक्त उत्तर प्रदेश की 85 सीटों में से ज्यादा से ज्यादा 58 सीटों पर भी भाजपा की जीत हुई थी।

सवालों के घेरे में आधार

जानकारियां सुरक्षित होने के दावे कितने खरे?
योगेश कुमार गोयल - 2018-09-18 12:37 UTC
आधार कार्ड के डाटाबेस की सुरक्षा में सेंध को लेकर आए दिन नए-नए दावे सामने आ रहे हैं और विड़म्बना यह है कि आधार प्राधिकरण इस तरह के दावों को खारिज करने से ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा है। अब हाफिंगटन पोस्ट की तीन माह की पड़ताल के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आधार का साॅफ्टवेयर हैक किया जा चुका है तथा भारत के लगभग एक अरब लोगों की निजी जानकारियां दांव पर हैं।

मध्यप्रदेश में राहुल प्रभाव

बदलाव के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस सड़क पर
राजु कुमार - 2018-09-18 12:33 UTC
मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस ने इस बार "करो या मरो" की रणनीति पर अमल करना शुरू कर दिया। लगातार सुस्त रहने वाली कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ महीने से चुस्ती दिखा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भोपाल में एक मेगा शो का आयोजन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में कांग्रेस संकल्प यात्रा और कार्यकर्ता संवाद में शामिल होकर औपचारिक चुनावी बिगुल फूंक दिया। हर बैनर पोस्टर पर ‘वक्त है बदलाव का’ स्लोगन के साथ कांग्रेस की यह कोशिश रही है कि लगातार गुटबाजी में उलझी पार्टी इससे उबर कर प्रदेश की सत्ता का परिवर्तन कर दे।