भाजपा के लिए मुश्किल होगा 2019
बैंकों के घोटालों से प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल
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2018-02-26 12:16 UTC
जब भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में अपने बहुमत से केन्द्र की सत्ता पर कब्जा किया था, तो लग रहा था कि 2019 का चुनाव जीतने में भी उसे कोई समस्या नहीं होगी। तब लोग नरेन्द्र मोदी की क्षमता को लेकर भी आशावान थे। उन्हें लगता था कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री यदि बहुत कुछ नहीं करेंगे, तो भी ऐसा कुछ कर देंगे, जिसके कारण उनके प्रति जनसमर्थन जारी रहेगा। पिछले उत्तर प्रदेश के चुनाव में अभूतपूर्व सफलता पाने के बाद नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा अपराजेय लग रही थी। विपक्ष की फूट और कांग्रेस को लगातार मिल रही हार के कारण लग रहा था कि देश के पास नरेन्द्र मोदी और भाजपा का कोई विकल्प ही नहीं है और इसके कारण भारतीय जनता पार्टी के सामने कोई चुनौती नहीं है, हालांकि पंजाब के चुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की थी।