कश्मीर पर केंद्र की समझदारी विकसित होने का संकेत
घाटी के लोगों को सूबे की साझा सरकार पर कतई भरोसा नहीं
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2017-10-30 11:09 UTC
जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार ने दुविधा के घेरे तथा अपने ‘सैन्यवादी’ सोच के दायरे से बाहर निकलकर आखिरकार संवाद करने का फैसला किया है। इस सिलसिले में उसने खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक दिनेश्वर शर्मा को अपना प्रतिनिधि चुना है। केंद्र सरकार के ये नए वार्ताकार कई दशकों से अलगाववाद और आतंकवाद की आग में झुलस रहे इस सूबे के विभिन्न क्षेत्रों, तबकों और संगठनों से बातचीत करके उनकी शिकायतों और अपेक्षाओं को समझने की कोशिश करेंगे। अच्छी बात यह भी है कि बातचीत का कोई दायरा तय नहीं किया गया है। नए वार्ताकार के नाम का एलान करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हालांकि यह साफ नहीं किया कि बातचीत की प्रक्रिया में हुर्रियत के नुमाइंदों को शामिल किया जाएगा या नहीं, लेकिन यह जरूर कहा है कि दिनेश्वर शर्मा को पूरी आजादी होगी कि वे चाहे जिससे बात करे।