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भाजपा को उत्तर प्रदेश में एक बड़े चेहरे की तलाश

क्या कल्याण सिंह को सौंपा जाएगा बागडोर?
प्रदीप कपूर - 2016-01-16 10:37 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक विश्वसनीय चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ना चाह रही है। बिहार चुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी को यह सोचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि नरेन्द्र मोदी की प्रतिष्ठा को विधानसभा चुनावों मे दांव पर लगाना कितना उचित है। इसी सोच के साथ भारतीय जनता पार्टी को लग रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी पर निर्भर रहना उचित नहीं।

केजरीवाल सरकार का एक साल

नाटकबाजी के साथ कुछ ठोस शुरुआत भी
कल्याणी शंकर - 2016-01-15 09:23 UTC
पिछले साल फरवरी महीने में तीन साल पुरानी आम आदमी पार्टी दिल्ली के केन्द्र शासित प्रदेश में सत्ता में भारी बहुमत के साथ आई। एक साल के बाद यदि उसकी उपलब्धियों की चर्चा की जाय, तो कहा जा सकता है कि वे लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। अभी उनके पास चार और साल है, जिसमें वे लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश भाजपा में गुटबाजी चरम पर

मैहर जीत के लिए चौहान ने लगाया पूरा जोर
एल एच हरदेनिया - 2016-01-14 04:11 UTC
भोपालः भाजपा शासित मध्यप्रदेश में विचित्र घटनाएं घट रही हैं। क्या यह कोई सोच भी सकता है कि एक ही मंत्रिमंडल के दो सदस्य एक पार्टी से बाहर के पद के लिए आपस में चुनाव लड़ सकते हैं? लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा हो रहा है। भारत स्काउट्स के लिए चुनाव हो रहे हैं। उसका सबसे महत्वपूर्ण पद है मुख्य आयुक्त। इस पद पर दो मंत्री चुनाव के लिए पर्चा दाखिल कर चुके हैं। एक मंत्री हैं दीपक जोशी, स्कूल शिक्षा के राज्य मंत्री हैं, तो दूसरे मंत्री हैं पारस जैन जो स्कूल शिक्षा के कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा नेतृत्व कोशिश कर रही है कि उन दोनों में से कोई एक अपना नाम वापस ले ले, लेकिन यह रिपोर्ट लिखे जाने तक सारी कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। अब तक स्कूल राज्यमंत्री ही मुख्य आयुक्त के पद पर रहा करते थे।

महाराष्ट्र नगरनिकाय चुनावों में भाजपा की हार

नरेन्द्र मोदी के लिए संदेश स्पष्ट है
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-01-12 10:00 UTC
पिछले साल हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी लगातार हारती गई। सबसे पहले दिल्ली और नवंबर महीने में बिहार में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली में तो उसका सूफड़ा ही साफ हो गया। बिहार मे जीत के सारे कारण उसके पास मौजूद थे, उसके बावजूद उसकी भारी हार हुई। उसके बाद हुए मध्यप्रदेश के एक लोकसभा उपचुनाव में भी उसकी हार हुई। फिर झारखंड के विधानसभा उपचुनाव में भी उसकी हार हुई। गौरतलब हो कि मध्यप्रदेश और झारखंड में जिन सीटों पर हार हुईं, वे सीटें उपचुनाव के पहले उसके पास ही थीं।

हिमालय से खिलवाड़ अब और नहीं

अदालतों के भरोसे हम बेफिक्र नहीं हो सकते
अनिल जैन - 2016-01-11 10:41 UTC
हाल ही में पूर्वोत्तर भारत में आए भूकंप के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग से जुडे वैज्ञानिकों ने हिमालय की तलहटी में इस वर्ष भीषण भूकंप की चेतावनी दी है। पिछले दिनों लगातार आए भूकंपों के अध्ययन के आधार पर भूगर्भ वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में 8.2 की तीव्रता वाला यह भूकंप समूचे उत्तर भारत में भारी तबाही मचा सकता है। इस चेतावनी का एक ही संकेत है कि हिमालय को लेकर अब हमें गंभीर हो जाना चाहिए। दुनिया के जलवायु चक्र में तेजी से हो रहे परिवर्तन के चलते हिमालय का मामला इसलिए भी बहुत ज्यादा संवेदनशील है कि यह दुनिया की ऐसी बड़ी पर्वतमाला है, जिसका अभी भी विस्तार हो रहा है। इस पर मंडराने वाला कोई भी खतरा सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि चीन, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार आदि देशों के लिए भी संकट खड़ा कर सकता है।

बिहार की राजनीति में अहम का टकराव

लालू और नीतीश के बीच बढ़ता वाक्युद्ध
अरुण श्रीवास्तव - 2016-01-09 11:54 UTC
पटनाः लालू यादव जंगल राज के संरक्षक की अपनी छवि को बदलने के लिए बेचैन हैं। आम बिहारी की नजर में वे जंगल राज के संरक्षक माने जाते हैं और लालू का यह मंजूर नहीं कि उनकी यह छवि बनी रहे और नीतीश कुमार की छवि जंगल राज मिटाने वाले एक राजनेता की बने।

पठानकोट हमले के सबक

बातचीत से भारत-पाक समस्या का हल नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-01-07 12:01 UTC
पठानकोट सैनिक हवाई अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के बाद एक सवाल यह खड़ा हो गया है कि भारत को पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने के लिए बातचीत करनी चाहिए या नहीं। सत्ताधारी भाजपा जब कभी विपक्ष में होती है, तो उसके नेता कहते हैं कि बातचीत बंद कर पाक को करारा जवाब देना चाहिए। हालांकि सच यह भी है कि सत्ताा में आने के बाद वे बातचीत के लिए बेकरार हो जाते हैं।

सोनिया से असंभव मांग कर रहे हैं सहयोगी

कांग्रेस में गुटबाजी समाप्त नहीं होगी
पी श्रीकुमारन - 2016-01-06 10:54 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस के सहयोगी संगठन मांग कर रहे हैं कि कांग्रेस की गुटबाजी समाप्त हो। इसके लिए वे सोनिया गांधी से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन उनकी यह मांग पूरा करना सोनिया गांधी के लिए असंभव है। इसका कारण यह है कि वह गुटबाजी समाप्त ही नहीं हो सकती।

नीति आयोग की भूमिका पर अभी भी सवाल

सिफारिशें सिर्फ कागज पर ही हैं
दीपक राजदान - 2016-01-05 16:36 UTC
नई दिल्लीः एक जनवरी, 2015 को योजना आयोग बदलकर नीति आयोग हो गया। इसकी भूमिका भारत सरकार के थिंक टैंक की रह गई। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह अपनी सलाह को प्रभावी करने के लिए कोष का आबंटन नहीं कर सकता, तो फिर इसकी कोई ठोस भूमिका ही कहां रह जाती है?

झारखंड में भाजपा की लोकप्रियता ढलान पर

लोहरदग्गा जीत के बाद कांग्रेसी हौसले बुलंद
अरुण श्रीवास्तव - 2016-01-04 10:13 UTC
रांचीः लोहरदग्गा में भाजपा समर्थित आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन की उम्मीदवार के बाद रघुबर दास पर उनकी पार्टी के कुछ प्रदेश नेताओं ने हमले तेज कर दिए हैं। हाल ही में हुई एक बैठक में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री रघुबर दास से पूछा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति प्रदेश के लोगों का जो समर्थनभाव है, उसका लाभ भाजपा समर्थित उम्मीदवार को क्यों नहीं मिला। हार इसलिए और भी मारक हो रही है, क्योंकि जीतने वाला उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी का है। गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमितशाह ने कुछ समय पहले ही कहा था कि झारखंड में कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो गया है।