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भारत: मध्य प्रदेश

नगर निकायों के चुनाव में भाजपा की बढ़त बरकरार

एल एस हरदेनिया - 2009-12-23 11:20 UTC
भोपालः नगर निकायों के लिए हुए चुनावों में जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के ऊपर अपनी बढ़त बरकरार रखी है। इन चुनावों में कांग्रेस की हालत और भी खराब हो गई है, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने जहां तहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इन चुनावों की एक खासियत एक हिजड़े का मेयर बन जाना भी है।
भारत: राजनीति

हरियाणा के उपचुनाव और मंत्रिमंडल का विस्तार

इन चुनौतियों पर खरा उतरना है मुख्यमंत्री को
बी के चम - 2009-12-22 12:06 UTC
चंडीगढ़ः हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपीन्दर सिंह हुड्डा के सामने दो ऐसी राजनैकतिक चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं, जिनपर खरा उतरना उनके लिए आवश्यक है, अन्यथा उक नेता के रूप में उनकी छवि प्रभावित हो सकती है। पहली चुनौती इलेनाबाद विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार को विजयी बनाना है, तो दूसरी चुनौती मंत्रिमंडल के विस्तार की है।
भारत: राजनीति

बीजेपी में मुंडे का कद बढ़ा

एस एन वर्मा - 2009-12-21 03:14 UTC
नई दिल्ली। संगठन के पुनरोत्थान के लिए आतुर बीजेपी ने पश्चिम भारत के नेताओं पर भरोसा जतायी है। जबकि यह सत्य है कि बीजेपी का उदय पुरब से ही हुआ था और जब जब उस पर संकट के बादल छाए हैं उसमे दम भरने के लिए पूर्वी भारत ने ही उसे मुद्दा पकड़ाया है।
भारत: राजनीति

नीतीन गडकरी के नेतृत्व में भाजपा

क्या पुरानी ऊंचाई फिर से प्राप्त हो पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2009-12-21 03:14 UTC
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को अपनी पसंद का भाजपा अध्यक्ष बनाने में सफलता मिल ही गई। लालकृष्ण आडवाणी को भी न चाहते हुए भी लोकसभा के भाजपा के नेता पद से इस्तीफा देना ही पड़ा। हालांकि कुछ लोग चाहते थे कि आडवाणी को राजनीति से ही संन्यास ले लेना चाहिए, लेकिन वैसा नहीं हुआ और संसदीय दल के अध्यक्ष का एक नया पद बनाकर उस पर आडवाणी को बैठा दिया गया।
भारत

क्या यही देश की प्राथमिकताएं हैं

अगंभीर दलों वाला देश वास्तविक महाशक्ति नहीं बन सकता
अवधेश कुमार - 2009-12-19 11:45 UTC
इस समय यदि बाहर से कोई भारत की सुर्खियों पर नजर दौड़ाए तो देश के बारे में उसके अंतर्मन में समग्र तस्वीर कैसी बनेगी? वास्तव में देश के अंदर और देश के बाहर भारत की बिल्कुल परस्पर विरोधी और बेमेल तस्वीर नजर आती है। हम इस बात पर तो आत्ममुग्ध हो सकते हैं कि इन दिनों दुनिया के विकसित देश भारत को अकल्पनीय महत्व दे रहे हैं।

कांग्रेस के 125 साल: उत्सव पर तेलंगना की छाया

कल्याणी शंकर - 2009-12-18 13:12 UTC
कांग्रेस के 125 पूरे हो रहे हैं। अपने 125 वें वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए यह उत्सव के मूड में है। आगामी सप्ताह से उत्सव की शुरुआत होनी है, लेकिन उत्सव के इस माहौल पर तेलंगाना संकट की छाया पड़ रही है। 9 दिसंबर की मध्यरात्रि को तेलंगना नाम के नये राज्य की घोषणा करके कांग्रेस जिस संकट में फंस गई है, उससे निकलने के लिए उसके पास फिलहाल कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है।

महिला आरक्षण विधेयक अगले बजट सत्र तक के लिए टला

एस एन वर्मा - 2009-12-17 12:44 UTC
नई दिल्ली। बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक इस साल भी संसद में पारित नही हो सका। लेकिन इतना जरूर हुआ कि इस विधेयक पर गठित संसद की स्थायी समिति ने इसे मूल रूप में ही संसद में पेश करने की सिफारिश कर दी है। अब इस विधेयक में कोई बदलाव करने की संभावना नहीं रह गयी है।
भारत

आंध्र प्रदेश का संकट

मुश्किल में है कांग्रेस
एस सेतुरमण - 2009-12-17 12:11 UTC
सोनिया गांधी और उनके खास लोगों ने मिलकर 9 दिसंबर की रात को तेलंगना के गठन का जो निर्णय लिया, उसके कारण कांग्रेस आंध्र प्रदेश में गंभीर संकट में फंस गई है। आंध्र प्रदेश का कांग्रेस के लिए खास महत्व है। देश का यही एकमात्र बड़ राज्य है, जहां कांग्रेस अपने बूते सत्ता में है।
भारत

उत्तर प्रदेश के विभाजन की राजनीति

आखिर मायावती चाहती क्या हैं?
उपेन्द्र प्रसाद - 2009-12-16 11:34 UTC
जब केन्द्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना के गठन पर अपनी सहमति दी, तो अन्य अनेक राज्यों के गठन की मांग की जाने लगी। अलग राज्य की मांग आमतौर पर वे लोग ही कर रहे हैं, जो विपक्ष में हैं। अलग राज्य की मांग करने वालों के बीच मायावती का चेहरा बिल्कुल अलग है।
भारत

उत्तर प्रदेश में छोटे राज्यों की राजनीति

सभी पार्टियां अपने हिसाब से सक्रिय
प्रदीप कपूर - 2009-12-15 11:52 UTC
लखनऊः केन्द्र सरकार की तेलंगाना के गठन पर सहमति के बाद उत्तर प्रदेश में राज्य के विभाजन पर राजनीति तेज हो गई है। इस राजनीति की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री मायावती ने की। उन्होंने प्रदेश के विभाजन के लिए प्रधानमंत्री को दो पत्र लिख डाले। पहले पत्र में उन्होंने बुन्देलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गठन की मांग की और दूसरे पत्र में उन्होंने पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग कर दी। उन्होंने राज्य के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ रुपये की मांग भी की है।