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यूक्रेन युद्ध के एक वर्ष में यूरोपीय अर्थव्यवस्था सर्वाधिक दुष्प्रभावित

रूस ने किया प्रतिबंधों का विरोध लेकिन पुतिन के सामने हैं ढेर सारी समस्याएं
डॉ. नीलांजन बनिक - 2023-02-24 12:25 UTC
24 फरवरी, 2023 रूस-यूक्रेन युद्ध की पहली सालगिरह है।ऐसा प्रतीत होता है कि डेविड और गोलिएथ के बीच लड़ाई अब भी जारी है।रूसी सशस्त्र बल के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है, बैलिस्टिक मिसाइलों का दूसरा सबसे बड़ा बेड़ा है, और यूक्रेन की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक सैन्य कर्मी हैं।किसी भी अनुमान से लड़ाई रूस के पक्ष में ही खत्म हो जानी चाहिए थी परन्तु अमेरिका और उसके सहयोगी के 'विदेशी' समर्थन के साथ, यूक्रेन ने लड़ाई जारी रखी।

प्रधानमंत्री ने अपनी ब्रांड छवि बचाने के लिए सभी साथियों को लगाया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चाटुकारिता की सारी हदें पार कर दीं
सुशील कुट्टी - 2023-02-23 12:08 UTC
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति की रक्षा भारत की विकास गाथा की नंबर-1 प्राथमिकता बन गयी है, जिसे लोकतंत्र की रक्षा की तरह पेश किया जा रहा है। आज लगता है कि भारत में यही प्राथमिकता बन गयी है।भारत के उपराष्ट्रपति से लेकर भारत के विदेश मंत्री तक,किसी भी व्यक्ति को जिसमें कुछ दम है, कोइस काम पर लगा दिया गया है।

कांग्रेस को भाजपा से मुकाबला करने के लिए एक समग्र रणनीति की आवश्यकता

रायपुर अधिवेशन भगवा के खिलाफ व्यापक एकता के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण
नित्य चक्रवर्ती - 2023-02-22 12:12 UTC
कांग्रेस 24 फरवरी से रायपुर में अपना तीन दिवसीयपूर्ण अधिवेशन आयोजित कर रही है। अप्रैल-मई 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए, जो मुश्किल से 13 महीने दूर हैं,यह पार्टी की रणनीति तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण होने जा रहा है।

भाजपा के लिए 2024 के चुनावों में बहुमत आसान नहीं होगा

मजबूत होते जा रहे हैं क्षेत्रीय राजनीतिक दल और कांग्रेस
नन्तु बनर्जी - 2023-02-21 10:32 UTC
अगले साल के राष्ट्रीय चुनाव के बाद लोकसभा में स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा की वापसी की संभावना इस बात पर निर्भर हो सकती है कि इस साल के दौरान आठ राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा है।वे भाजपा के लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी उपस्थित करते हैं।

मेघालय में सत्तारूढ़ साथी के खिलाफ चुनाव प्रचार में भाजपा की मुसीबत

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ताधारी एनपीपी को तृणमूल की चुनौती
तीर्थंकर मित्र - 2023-02-20 16:05 UTC
27 फरवरी को मेघालय में दिलचस्प चुनावी जंग देखने को मिलेगी।पूर्वोत्तर के सहयोगी एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं और 2 मार्च को परिणाम घोषित होने के बाद खरीद-फरोख्त की संभावना बढ़ गयी है।

राज्यों को संसाधनों के हस्तांतरण पर वित्त मंत्री का बयान भ्रामक

मोदी शासन ने संसाधनों के केंद्रीकरण को चरम बिंदु तक पहुँचाया
प्रभात पटनायक - 2023-02-18 10:41 UTC
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसा भ्रामक बयान दिया है जिसकी उम्मीद केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक जिम्मेदार सदस्य से नहीं की जा सकती।हाल के बजट में राज्यों को संसाधन हस्तांतरण के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि हस्तांतरण की मात्रा "तेजी से" बढ़ा दी गयी है। यह बयान ऐसा आभास देता है मानो केंद्र बहुत "उदार" रहा है, परन्तु उन्होंने ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया जो उनके दावे को सही ठहराये।

केन्द्र सरकार राज्यपाल नियुक्त कर रही है या भाजपा के एजेंट

सभी गैर-भाजपा राज्य सरकार संविधान की रक्षा करें
प्रकाश कारत - 2023-02-17 11:44 UTC
भारत के राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में की गयी छह नये राज्यपालों की नियुक्ति ने इस बात का खुलासा किया है कि राज्यपाल के पद को किस तरह से देखा जाता है और मोदी सरकार द्वारा किस तरह से संविधान के इस प्रावधान का दुरूपयोग किया जाता है।

इनकम टैक्स विभाग के सोये रहने पर उसकी खबर लेनी चाहिए

मोदी पर बीबीसी के आपत्तिजनक धारावाहिक के पहले ही अधिकारी क्यों नहीं जागे
के रवींद्रन - 2023-02-16 12:21 UTC
यह कोई मजाक नहीं है कि भारतीय कानूनों के तहत किसी को कभी भी, कहीं भी घसीटा जा सकता है, क्योंकि कुछ कानून ऐसे हैं, जिन्हें किसी के खिलाफ कभी भी लगाया जा सकता है, जिसके प्रतिअधिकारी द्वेष रखते हों। वास्तव में ये कानून शासकों के हाथों दमन और प्रतिशोध के साधन बन गये हैं।उन कानूनों में शामिल हैं अश्लीलता पर प्रतिबंध लगाने से लेकर वैध साधनों से अधिक संपत्ति अर्जित करने तक के कानून।

2023 के चुनावी दंगल के लिए तैयार है भाजपा

लोगों के लामबंद करने में कांग्रेस को तय करनी है बहुत दूरी
कल्याणी शंकर - 2023-02-15 13:44 UTC
इस साल अर्थात् 2023 में नौ राज्यों में चुनाव होने के कारण राजनीतिक पार्टियों में म्यूजिकल चेयर का खेल हो सकता है।यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एक ट्रेलर और सेमीफाइनल होगा।नतीजे बतायेंगे कि क्या भाजपा मतदाताओं को अपनी ओर खींचती है या कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष आगामी चुनावों में भाजपा को हरा देगा।क्षेत्रीय क्षत्रप स्वाभाविक रूप से अपने क्षेत्र की रक्षा करना चाहेंगे।

भाजपा नेतृत्व हर कीमत पर त्रिपुरा में फिर से सत्ता हासिल करने को बेताब

वाम-कांग्रेस गठबंधन को मिल रहा अच्छा समर्थन, लेकिन बूथ प्रबंधन अब भी कमजोर
आशीष विश्वास - 2023-02-14 15:22 UTC
त्रिपुरा में चुनाव पूर्व प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के लिए पिछले एक सप्ताह के तीन दिनों में दो बार दौरा कर चुके हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 6 और 7 फरवरी को और फिर से12 फरवरी को रोड शो और बैठकें कीं।वाम-कांग्रेस गठबंधन और आदिवासी संगठन टिपरा मोथा की चुनौती को मात देकर पार्टी को दूसरी बार सत्ता में बनाये रखने में मदद करने के लिए भाजपा के नेताओं का यह सबसे बड़ा लामबंदी था।