अभिहितान्वयवाद अभिहितान्वयवाद वह मत है जिसमें अभिधा द्वारा उपस्थित अर्थों के अन्वय को ही महत्वशाली माना जाता है। यह मत कुमारिलभट्ट द्वारा प्रवर्तित है।