Loading...
 
Skip to main content
(Cached)

अभिहितान्वयवाद

अभिहितान्वयवाद वह मत है जिसमें अभिधा द्वारा उपस्थित अर्थों के अन्वय को ही महत्वशाली माना जाता है।

यह मत कुमारिलभट्ट द्वारा प्रवर्तित है।


Page last modified on Friday January 10, 2014 17:48:08 GMT-0000