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अमृतगति

साहित्य में अमृतगति एक छन्द है। इसे त्वरितगति भी कहा जाता है।

उदाहरण के रुप में केशवदास की एक कविता देखें -
निज पति पंथहिं चलिये।
दुख-सुख का दलु दलिये।
तन-मन सेवहु पति को।
तब लहिये सुख गति को।


Page last modified on Friday January 10, 2014 18:07:01 GMT-0000