आकाशभाषित
आकाशभाषित कथन रंगमंच पर कहा गया वह कथन है जब कोई पात्र बिना किसी अन्य पात्र के मंच पर रहे बिना ही उसके कुछ कहे। जैसे कोई पात्र किसी दूसरे पात्र जो नेपथ्य में है के किसी कथन को नहीं सून पाने का अभिनय करता है और कहता है 'क्या कह रहे हो'। इस प्रकार के सभी कथनों को आकाशभाषित कहा जाता है।