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आकाश द्रव्य

रूप, रस, गन्ध तथा स्पर्श गुण जिसमें नहीं है वह आकाश है।
आकाश का शब्द ही गुण है। इसमें समस्त जगत अन्तर्विष्ट या समाया हुआ है।


Page last modified on Friday March 14, 2014 09:05:53 GMT-0000