उत्तरआधुनिकता
आधुनिकता की स्वचेतना का असीम स्वरूप उत्तरआधुनिकता के रूप में सामने आया है जो घोर अनियमबद्धता में भी नियमबद्धता देखता है। अधिकाश लोग यह दौर 1980 के दशक से शुरू हुआ मान रहे हैं।बेतरतीब जीवन प्रवृत्तियों को भी करीने से अर्थात् एक नियम से सम्पादित किये जाने पर जोर है। यह स्वचेतना का एक अत्यन्त विकसित स्वच्छन्द रूप है परन्तु इस स्वच्छन्दता के भी अपने नियम हैं। इसी को उत्तर आधुनिक प्रवृत्ति मान जाता है।
उदाहरण के लिए, बेतरतीब लिबास भी करीने से सिले मिलते है। यह है उत्तरआधुनिकता।