कजरीवन
प्रचीन काल में कजरीवन या कदलीदेश ऋषिकेश से बदरिकाश्रम तक के वन-प्रदेश को कहा जाता है। यह क्षेत्र दुर्गम हिमालय पर्वत श्रृंखला की ही एक भाग है। इसके अन्य नाम हैं - कजरी आरन या कजरी अरण्य, त्रियादेश, तथा सिंहलद्वीप।इसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। कहा जाता है कि सात अमर पुरुष – अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम – इसी कदलीदेश में हमेशा निवास करते हैं।
महाभारत के वन पर्व में एक प्रसंग आता है जिसमें हनुमान जी ने भीमसेन को बताया था कि इसके आगे केवल सिद्ध महात्मा ही जा सकते हैं।
यह क्षेत्र सिद्ध योगियों और अन्य साधु-सन्तों के तपस्या स्थल के रूप में जाना जाता है। मत्स्येन्द्रनाथ , गोरखनाथ, भर्तृहरि, गोपीनाथ आदि अनेक सन्तों का इस क्षेत्र से सम्बंध रहा है।